बुखार के रोगियों के लक्षण देखकर अब शक लैप्टोस्पायरोसिस की ओर जा रहा है। इसी बीमारी से लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। लक्षणों को मिलाने पर डॉक्टर यही डायग्नोसिस बता रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने नालियों में छिड़काव और झाड़ियों को काटना शुरू करा दिया है।
दूसरी तरफ जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्क्रब टाइफस और लैप्टोस्पायरोसिस जांच की सुविधा नहीं है। डॉक्टरों ने निजी पैथोलॉजियों में सैंपल भेजने शुरू किए हैं। नगर में बुखार से मर रहे रोगियों की जांच डेंगू, कोरोना और मलेरिया निगेटिव आने के बाद स्क्रब टाइफस और लैप्टोस्पायरोसिस पर डाक्टरों ने गौर करना शुरू कर दिया है।