कानपुर देहात। कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी जिला अस्पताल के संसाधन बीमार हैं। हालात यह है कि संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों के सैंपल की जांच के लिए लैब में लगी आरटीपीसीआर मशीन महज 40 दिन में ही खराब हो गई। इसके चलते पांच दिन से कोविड जांच ठप पड़ी है।
कोरोना की पहली व दूसरी लहर का दंश झेलने के बाद डीएम जेपी सिंह ने जिला अस्पताल अकबरपुर में आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की कवायद शुरू की थी। महीनों की कागजी कार्रवाई के बाद दो सौ सैंपल जांच की क्षमता वाली लैब को उपकरणों से सुसज्जित किया गया।
पांच दिसंबर को इसका वर्चुअल उद्घाटन कर जांच भी शुरू कर दी गई, लेकिन 14 जनवरी को सैंपलिंग की आरटीपीसीआर मशीन में अचानक से खराबी आ गया। इससे कोविड जांच ठप पड़ गई।
लैब प्रभारी ने सीएमएस, सीएमओ समेत अन्य उच्चाधिकारियों को सूचना दी, लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी खराब मशीन की मरम्मत नहीं हो सकी है। ऐसे में संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए कानपुर व लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे हैं।
14 जनवरी को आरटीपीसीआर मशीन में अचानक खराबी आने से कोरोना सैंपलों की जांच रुक गई। इस बाबत उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। मशीन से संबंधित कंपनी के लोग आने पर ही मरम्मत हो सकेगी। जिसके एक-दो दिन का समय लग सकता है। - डॉ. वीपी सिंह (लैब प्रभारी/पैथालॉजिस्ट)