वायरल फीवर डेंगू से बड़ा खतरा बन रहा है। इस वायरल संक्रमण की चपेट में आने वाले रोगियों के लिवर, गुर्दों और सांस तंत्र में खराबी आने लगती है। इसके बाद रोगी वायरल सेप्टीसीमिया में चला जा रहा है। गुरुवार को ऐसे ही एक बच्चे समेत तीन रोगियों की मौत हो गई। इन्हें बुखार आया और उसके बाद निमोनिया हो गया।
एक दिन पहले भी दो मरीजों की मौत हुई थी। वहीं डेंगू से इस सीजन में चार मौतें हुईं हैं। पैथोलॉजिकल जांच में इन मरीजों के गुर्दा, लिवर खराब होने की भी रिपोर्ट आई। प्लेटलेट्स काउंट भी सामान्य से कम था, लेकिन डेंगू और कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव थी। इसके अलावा हैलट, उर्सला की ओपीडी में वायरल फीवर के रोगी जटिल लक्षणों के साथ आए। जिन रोगियों की हालत गंभीर थी, उन्हें इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में रोगी भर्ती हैं। कई रोगियों की डायलिसिस की जा रही है।