1.27 करोड़ की ठगी में गिरफ्तार आरोपी
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कानपुर के ट्रांसपोर्टर मोकम सिंह को मोबाइल हैक कर बैंक खाते से 1.27 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर ली। साइबर क्राइम ब्रांच ने मेरठ निवासी अरशद अंसारी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरकेनगर निवासी ट्रांसपोर्टर मोकम सिंह को 23 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि व्हाट्सएप पर कई फर्जी मैसेज मिले। इनमें पीएम किसान योजना, आरटीओ चालान, केनरा बैंक आधार अपडेट और इंदिरा आवास योजना की एपीके फाइलें शामिल थीं। आरटीओ चालान की फाइल खोलते ही उनका मोबाइल फोन और सिम ब्लॉक हो गया। लिंक के साथ भेजी गई एपीके फाइल की वजह से साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर लिया था। नया सिम लेकर ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग किया। 25 अगस्त 2025 को उनके खाते से 1.27 कराेड़ रुपये मुंबई के पांच खातों में ट्रांसफर कर दिए।
मोकम सिंह ने बताया कि टेलीकॉल कंपनी से नया सिम एक्टिव होने की जानकारी मिलने पर पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच को सूचना दी। इसके बाद 70 हजार रुपये फ्रीज करा लिए गए। साइबर क्राइम ब्रांच को जांच में पता चला कि मुंबई के पांच खातों में एक ही व्यक्ति की तस्वीर थी जिसके बाद मेरठ निवासी अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया गया। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अरशद अंसारी के पास से कई फर्जी व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। अरशद 2014 में भी साइबर अपराध में दो साल जेल काट चुका है।
फर्जी दस्तावेजों से खुलवाए बैंक खाते
साइबर क्राइम ब्रांच प्रभारी सतीशचंद्र यादव ने बताया कि अरशद अंसारी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों को बहुत ही चालाकी से एडिट कराकर पांच बैंकों में खाते खुलवाए थे। यह खाते बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ाैदा, एक्सिस, पीएनबी, सेंट्रल बैंक में थे। पुलिस ने उनकी जांच कराई तो सभी में नाम व पते अलग-अलग थे।
हैदराबाद, रतलाम से की गई घटना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अरशद अंसारी और उसके साथी हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, गुना से वारदात को अंजाम दे रहे थे। यह ऐसा इसलिए कर रहे थे जिससे उनकी लोकेशन न मिल सके। अरशद का कार्य फर्जी दस्तावेज बनवाना था जबकि उसके साथी एपीके फाइल भेजने के कार्य कर रहे थे।