कानपुर में ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक से दो वृद्धों सहित तीन की मौत हो गई। दो दिन में कार्डियोलॉजी में हार्ट अटैक के 50 से ज्यादा और हैलट इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के 12 मरीज भर्ती किए गए। उर्सला में भी दमा के 22 मरीज भर्ती हुए। डॉक्टरों ने इस मौसम में खासकर बुजुर्गों से एहतियात बरतने की सलाह दी है।
प्रदूषण, कोहरे से गले में संक्रमण, वायरल, जुकाम
हैलट, उर्सला सहित अन्य अस्पतालों में शुक्रवार को गले में संक्रमण, खांसी, जुकाम, वायरल के सबसे ज्यादा मरीज आए। रक्तचाप, दमा के मरीजों की तकलीफ भी बढ़ गई है। डॉक्टर प्रदूषण, कोहरे को भी इसकी वजह बता रहे हैं। हैलट के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में सर्दी, जुकाम, गले में खराश, खांसी के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। गले में खराश सामान्य मौसम में दवाओं से चार-पांच दिन में ठीक हो जाती है, लेकिन इस मौसम में कई मरीजों में इसे ठीक होने में 10 -15 दिन लग रहे हैं।