एसआईटी को आठ सदस्यीय कर दिया गया
तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने सितंबर में ऑपरेशन महाकाल शुरू किया, तो उसमें अखिलेश के अलावा कई लोगों पर जमीन पर कब्जा करने और अन्य अपराधियों के खिलाफ शिकायतें आईं। सीपी कार्यालय से एसआईटी को बारी-बारी से जांच दी गईं। 10 अगस्त के बाद अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। एक साथ कई शिकायतों के आ जाने के बाद जांच प्रभावित न हो इसके लिए एसआईटी को आठ सदस्यीय कर दिया गया।
चार मामलों की जांच जिला प्रशासन कर रहा
शिकायतकर्ताओं ने अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा बनाया और पुलिस अधिकारियों से जांच में सहयोग करने की मांग की। अक्तूबर में अखिल कुमार का तबादला हो गया और रघुबीर लाल नए कमिश्नर बने। अखिल के तबादले से एसआईटी जांच को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं थीं। हालांकि सीपी रघुबीर लाल ने कार्यभार संभालते ही एसआईटी के अधिकारियों से मामले की जानकारी लेकर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। 26 नवंबर को एसआईटी ने जांच के बाद सबूतों के अभाव में 43 शिकायतों में से 37 में अखिलेश और उसके करीबियों को क्लीनचिट दे दी थी। जबकि वक्फ से संबंधित चार मामलों की जांच जिला प्रशासन कर रहा है। करीब 10 के आसपास मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
ऐसे जानें उन छह मामलों को
युवती ने कोर्ट में बदले बयान, इंस्पेक्टर ने लगाई चार्जशीट
गोविंदनगर निवासी सागर मल्होत्रा की शिकायत पर एसआईटी जांच कर रही है। उन पर युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर एफआईआर कराई थी। गोविंदनगर पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया तो युवती मुकर गई। बावजूद इसके तत्कालीन इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सागर मल्होत्रा का आरोप है कि केस समाप्त करने के लिए उनसे आठ लाख रुपये लिए गए थे, जिसमें अखिलेश दुबे के साथी लवी मिश्रा को आधी रकम मिली। आरोप लगाने वाली युवती और लवी मिश्रा के बीच कई बार बातचीत हुई जिसका रिकाॅर्ड पुलिस को मिल गया है। इस मामले में अखिलेश दुबे की भूमिका को देखा जा रहा है।
अधिवक्ता को वॉट्सएप कॉल से मिली धमकी
अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा में शामिल अधिवक्ता मनोज सिंह की शिकायत पर जांच चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि 24 अप्रैल 2025 को कोर्ट कंपाउंड से चालक मजहर के साथ घर लौट रहे थे। उनके मोबाइल पर अखिलेश दुबे के साथी टोनू यादव की वॉट्सएप कॉल आई। टोनू यादव ने एक प्लॉट के मामले में उन्हें धमकी दी। आरोप है कि टोनू ने अखिलेश दुबे के कहने पर उनको धमकी दी थी। एसआईटी ने अखिलेश दुबे और टोनू यादव की सीडीआर निकलवाई है। अधिवक्ता और आरोपी के मोबाइल की लोकेशन की जांच की जा रही है।
कारोबारी को धमकाने और पगड़ी उतारने का आरोप
गोविंदनगर के कारोबारी जसबीर सिंह भाटिया ने अखिलेश पर धमकाने और पगड़ी उतारकर बेइज्जत करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि उन्होंने शुभम गुलाटी से दुकान का सौदा 11.65 लाख रुपये में किया। कोरोना संक्रमण के दौरान उन्होंने ट्रक बेचकर 8.95 लाख रुपये दे दिए। बाकी की रकम लेकर शुभम के पास पहुंचे तो उसने कहा कि दुकान किसी और को बेच दी है। यह बैनामा और सौदा एक पर्ची पर हुआ था। विरोध पर अखिलेश दुबे ने धमकी दी और पगड़ी उतार दी।
अखिलेश दुबे के घर साजिश रचने की शिकायत
अधिवक्ता सौरभ भदौरिया का आरोप है कि वह बिकरू कांड की पैरवी न कर सकें। इसके लिए बिकरू कांड के आरोपी जय बाजपेई के भाई रजयकांत बाजपेई ने अपनी नौकरानी से उन पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह साजिश अखिलेश दुबे के घर पर रची गई थी। एसआईटी को नौकरानी और रजयकांत के बीच लंबी बातचीत के रिकाॅर्ड मिले हैं। पुलिस कमिश्नर ने और साक्ष्य हासिल करने के लिए कहा है।
दुकान पर कब्जे के मामले की जांच
गोविंदनगर के संजय अग्रवाल ने अखिलेश दुबे के खिलाफ दुकान पर कब्जे की शिकायत दी थी। संजय अग्रवाल ने सनी चुग को 50 लाख रुपये में सामान के साथ दुकान दी थी। उनकी शिकायत के मुताबिक सनी की ओर से आठ लाख रुपये ही देने का आरोप है। मामले की जांच में कई काल डिटेल मिली है।
अखिलेश दुबे को जेल ले जाती पुलिस
- फोटो : amar ujala
केडीए वीसी के पूर्व पीए के खिलाफ आई शिकायत
साकेतनगर के श्रवण कुमार बाजपेई ने केडीए सचिव के पूर्व पीए कश्यपकांत दुबे के खिलाफ शिकायत दी है। इसमें उन्होंने केडीए की जमीनों के मामले में खेल करने का आरोप लगाया है। आरोपों से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
एसआईटी में जिन मामलों की जांच लंबित हैं। उनमें डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी सबूत एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी। -रघुबीर लाल,पुलिस कमिश्नर