थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि वे कई सालों से अवसाद में थे। हाल में ही नोएडा में बेटे के पास से डॉक्टर को दिखाकर लौटे थे। इसके बाद भी आराम नहीं मिलने पर फांसी लगा ली।
मैं इलाज करा-कराकर थक चुका हूं...। मेरे अवसाद का इलाज किसी डॉक्टर के पास नहीं है। मैं अपने होश हवास में जान दे रहा हूं...। सुसाइड नोट में अपनी व्यथा लिखकर स्माल आर्म्स फैक्टरी से रिटायर्ड बुजुर्ग ने फांसी लगा ली।
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रविवार सुबह नौकरानी काम करने घर पहुंची तो फंदे से शव लटका देखा। बर्रा-6 निवासी गोपी चंद्र गेरा (74) स्माल आर्म्स फैक्टरी से 2008 में रिटायर हुए थे। उनका बेटा संजीव नोएडा में एक कंपनी में काम करता है।
बेटी दीप्ति की मुंबई में शादी कर दी थी। कुछ दिनों से पत्नी भी बेटे के पास थी। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि वे कई सालों से अवसाद में थे। हाल में ही नोएडा में बेटे के पास से डॉक्टर को दिखाकर लौटे थे। इसके बाद भी आराम नहीं मिलने पर फांसी लगा ली। घर से सुसाइड नोट बरामद हुआ है।