रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर के प्रस्ताव को हटाया
इनमें से एक नंबर कनाडा का बताया जा रहा है। सत्यापन में पता चला कि अधिक निवेश दिखाने के लिए 2000 करोड़ रुपये से एनटीसी की जमीन पर आईटी पार्क बनाने के प्रस्ताव को शामिल कर लिया गया। हालांकि बाद में उसे हटा दिया गया। सत्यापन में बार-बार शामिल किए जाने वाले रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर के प्रस्ताव को भी अब इससे हटा दिया गया है।
जांचे-परखे ही शासन को भेज दिए थे प्रस्ताव
दरअसल कानपुर समेत प्रदेश भर में हुए एमओयू को 12 बिंदुओं पर फिर से परखा जा रहा है। शासन के निर्देश पर देखा जा रहा है कि कितने निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे और उनमें व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ। शासन ने कुछ समय पहले कुछ शहरों में इनकी औचक जांच कराई थी। जांच में किए गए दावों और हुए निवेश में भारी अंतर मिला है। साफ है कि उद्योग निदेशालय के अफसरों ने इन प्रस्तावों को बिना जांचे-परखे ही शासन को भेज दिया था।
एमओय का सच, सत्यापन में गड़बड़ियां
एमओयू में आए कुल प्रस्तावों में 16 दो बार किए गए। 54 प्रस्ताव रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर के थे, जिन्हें बार-बार शामिल किया जा रहा था। इन्हें हटाने के बाद 169 प्रस्ताव ही रह गए हैं। इसमें 166 ग्राउंड ब्रेकिंग तीन, चार और पांच में शामिल किए गए थे। 15 ऐसे प्रस्ताव हैं, जिन्हें सारथी पोर्टल से हटाया जा रहा है, ये अन्य जिलों के थे। इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। तीन प्रस्ताव ऐसे हैं, जिनमें भूमि उपलब्ध नहीं है। आठ प्रस्तावों में निर्माण प्रकिया पूरी है, लेकिन अब तक एनओसी नहीं मिली है। 11 परियोजनाएं अभी जमीन न मिलने के कारण शुरू नहीं हो पाई हैं। सत्यापन में ये बातें सामने आई हैं।
इन बिंदुओं पर किया जा रहा सत्यापन
क्या निवेशक के पास जमीन उपलब्ध है या नहीं। यदि उपलब्ध है तो जमीन निजी है या सरकारी। सरकारी होने पर विभाग की जानकारी मांगी जा रही है। इसी तरह वास्तविक निवेश और वास्तविक रोजगार की संख्या भी पता की जा रही है। निवेशक ने सभी प्रकार के निर्माण से पहले और बाद वाली एनओसी की प्रक्रिया पूरी की है या नहीं, इसकी भी जांच हो रही है। देखा जा रहा है कि परियोजना का नक्शा स्वीकृत हुआ है या नहीं। देखा जा रहा है कि परियोजना के लिए निर्माण शुरू हुआ या नहीं, निर्माण कार्य पूरा हुआ या नहीं। जांच के बिंदुओं में जियो टैग वाली साइट की फोटो, जीएसटी प्रमाण पत्र और पैन, परियोजना की वर्तमान स्थिति और परियोजना के व्यावसायिक उत्पादन की स्थिति को शामिल किया गया है।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3.0 में शहर के 100 उद्यमियों ने दिए थे प्रस्ताव
2018 में लखनऊ में हुए निवेशक सम्मेलन में शहर के उद्यमियों ने 65 करार किए थे। यह निवेश प्रस्ताव धरातल पर आने शुरू हुए थे कि देश में कोरोना आ गया था। इसके बाद 2021 में प्रक्रिया आगे शुरू हुई थी। इनमें से 10 प्रस्ताव कोरोना के चलते आगे नहीं बढ़ पाए थे। 55 प्रस्ताव धरातल पर आए थे। 2022 में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3.0 में शहर के 100 उद्यमियों ने 400 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए थे। इसमें फूड प्रोसेसिंग की 30 इकाइयां शुरू हो चुकी हैं। प्लास्टिक, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, होजरी, डेयरी, रेडीमेड की 35 से ज्यादा इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है। नॉन लेदर सैडलरी की 10 इकाइयां भी उत्पादन करने लगी हैं।
शासन के निर्देश पर 12 बिंदुओं पर निवेश प्रस्तावों का सत्यापन कराया जा रहा है। इस संबंध में निवेश मित्र को निर्देश जारी किए गए हैं। जिन निवेश प्रस्तावों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है, उनकी जियो टैग के साथ फोटो अपलोड कराई जाएगी। रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर को निवेश प्रस्ताव से हटा दिया गया है। 40 निवेश प्रस्तावों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है। -अंजनीश प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग