कानपुर में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले बाबू कंचन गुप्ता को केडीए वीसी ने बर्खास्त कर दिया है। वह पिछले साल से इसी मामले में निलंबित चल रहा था। वीसी ने इन प्लाटों की डीड निरस्त कराते हुए नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।
केडीए के बाबू (प्रथम श्रेणी लिपिक) कंचन कुमार गुप्ता ने विकास प्राधिकरण की जूही योजना में छह प्लाटों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर और कुछ लोगों से मिलीभगत कर फ्री होल्ड डीड (रजिस्ट्री) करा दी और इनकी मूल फाइल प्राधिकरण कार्यालय से गायब कर दी।
एक दशक पहले समाचार पत्रों के माध्यम से यह मामला उजागर हुआ, पर इस मामले को कई बार दबाने की कोशिश की गई। शुरुआती जांच दोषी पाए पर पिछले वर्ष कंचन गुप्ता को निलंबित करते हुए उनके एवं अन्य व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।