आशा गुप्ता के यहां पड़ी थी डकैती
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कानपुर में डकैती की वारदात को चोरी की धारा में दर्ज करने और अफसरों को गुमराह करने वाले गोविंद नगर इंस्पेक्टर अनूप सिंह जांच में दोषी पाए गए हैं। एडीसीपी साउथ ने रविवार देर शाम जांच रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंप दी है। जिसके आधार पर पुलिस कमिश्रर ने उनको लाइन हाजिर कर दिया।
उधर पुलिस कमिश्नर ने डकैतों के बारे में सूचना देने वाले को दस हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। गुरुवार रात डकैती पड़ने की सूचना पीड़िता आशा गुप्ता ने पुलिस को दी थी। उन्होंने बताया था कि चार बदमाश दरवाजा तोड़कर भीतर घुस आए।
मारपीट की और नकदी-जेवरात लूट गए। बाहर गार्ड को बंधक बनाकर डाल दिया था। हैरानी की बात ये है कि गोविंद नगर पुलिस ने चोरी की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। थाने की पुलिस लगातार घटना चोरी ही बता रही थी। जब मामला अफसरों तक पहुंचा था तब जाकर डकैती की धारा केस में लगाई गई थी।
एडीसीपी साउथ डॉ. अनिल कुमार ने इस पूरे मामले की जांच की। जिसमें गोविंद नगर इंस्पेक्टर अनूप सिंह दोषी सिद्ध हुए। पुलिस कमिश्नर ने लाइन हाजिर कर इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।