कानपुर देहात में पुलिस हिरासत में हुई व्यापारी बलवंत सिंह की मौत के मामले में एसआईटी ने मंगलवार को दो और आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें मैथा पुलिस चौकी तत्कालीन सिपाही विनोद कुमार और एसओजी टीम में रहे सिपाही प्रशांत कुमार शामिल है। एसआईटी ने दोनों को अदालत में पेश किया। वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक आठ पुलिसकर्मियों को जेल भेजा जा चुका है।
शिवली के लालपुर सरैंया निवासी चंद्रभान को बाइक सवार तीन लुटेरों ने छह दिसंबर को लूट लिया था। लुटेरे करीब चार लाख रुपये का माल ले गए थे। इस मामले में शिवली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। शिवली थाना पुलिस और एसओजी ने तीन लोगों को लूट के मामले में गिरफ्तार किया था। इनके बयानों के आधार 12 दिसंबर को चंद्रभान के लालपुर सरैंया निवासी भतीजे बलवंत सिंह को उसके लोडर चालक व पल्लेदार के साथ पकड़ा था।
रनियां थाने में पूछताछ के दौरान पुलिस की पिटाई से बलवंत की मौत उसी रात हो गई थी। परिजनों के हंगामे के बाद रनियां थाने में तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम, तत्कालीन शिवली थाना प्रभारी राजेश सिंह पांच पुलिसकर्मियों, एक डॉक्टर व अन्य के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एसपी ने बलवंत हत्याकांड में 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था।
मामले में निलंबित दरोगा प्रशांत गौतम, इंस्पेक्टर राजेश सिंह, हेडकांस्टेबल सोनू यादव, दुर्वेश कुमार, अनूप कुमार, दरोगा ज्ञान प्रकाश पांडेय को पहले ही पुलिस व एसआईटी गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेज चुकी है। आरोपी तत्कालीन रनियां थानाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह, सिपाही महेश गुप्ता, जिला अस्पताल का एक डॉक्टर व अन्य पुलिसकर्मी अभी फरार हैं। इनकी तलाश में पुलिस की छह टीमें व एसआईटी जुटी हैं।