कानपुर देहात। सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अगर 15 नवंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण का प्रमाण पत्र नहीं देते हैं तो उनके विभागाध्यक्ष का वेतन रोका जाएगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग वैक्सीनेशन और आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाए।
यह बातें गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने योजनाओं की समीक्षा बैठक में कहीं। इस दौरान गोल्डन कार्ड बनाने में लापरवाही बरतने की जानकारी पर 50 वीएलई को नोटिस जारी किया गया।
बैठक में टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. एम जतारया ने बताया कि गुरुवार को लगभग 20,000 लोगों का वैक्सीनेशन किया गया। इस पर डीएम ने निर्देशित किया कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए व लक्ष्य की प्राप्ति करें।
उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को 15 नवंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण का प्रमाण पत्र संबंधित विभागाध्यक्ष देना होगा। ऐसा न होने पर विभागाध्यक्ष का वेतन रोक दिया जाएगा। डीएम ने कहा कि आगामी विधानसभा के मद्देनजर सभी सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों का टीकाकरण किया जाना आवश्यक है।
भारत निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग एवं सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों के टीकाकरण की लगातार समीक्षा की जा रही है। जिन विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों का 100 प्रतिशत टीकाकरण नहीं हुआ, उनकी समीक्षा 16 नवंबर को शाम छह बजे कलक्ट्रेट सभागार में की जाएगी। जिन विभागों के सभी कर्मचारियों का टीकाकरण हो गया है, वह मीटिंग में प्रतिभाग नहीं करेंगे।
डॉ. सुखलाल वर्मा ने बताया कि बुधवार को 324 गोल्डन कार्ड बनाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और कहा कि और ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाया जाए। एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदंबा प्रसाद गुप्ता ने डीएम को बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने में वीएलई लापरवाही कर रहे हैं।
इस पर 50 वीएलई को नोटिस जारी किया गया और पांच वीएलई की आईडी बंद कर दी गई है। डीएम ने निर्देशित किया कि जो वीएलई सरकारी योजनाओं में सहयोग नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं, डीएम ने पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवकीनंदन लावनिया को निर्देशित किया कि गोशाला के लिए नामित नोडल अधिकारी 18 नवंबर को निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। बैठक में सौम्या पांडेय, एडीएम प्रशासन गरिमा सिंह, सीएमओ डॉ. एके सिंह मौजूद रहे।