कानपुर देहात। जिले में स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कराए गए कार्यों में गड़बड़ी की शिकायतों पर अब जांच शुरू कराई गई है। सीडीओ ने 347 गांवों में कार्यों की भौतिक व वित्तीय प्रगति के सत्यापन और गुणवत्ता की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। यह टीम दो दिन में जांच करके सीडीओ को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिले के 347 गांवों का चयन किया गया था। इसके तहत घर-घर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक कचरा संग्रहण केंद्र, सामुदायिक खाद गड्ढा निर्माण जैसी गतिविधियां होनी थीं।
वहीं, तरल कचरा प्रबंधन के लिए घरेलू सोख्ता, नाली व गड्ढे निर्माण का काम होना था। जिसमें ग्राम पंचायतों में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्लूएम) के लिए धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई थी।
पिछले दिनों अधिकारियों ने ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कराए गए कार्यों का मुआयना किया। इस दौरान कई जगह काम पूरे मिले, तो कई जगह काम चल रहा था। निरीक्षण के दौरान वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई।
काम में गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें भी जिले के अफसरों के पास पहुंची। इस पर सीडीओ सौम्या पांडेय ने इन मामलों को स्वत: संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए थे।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने सीडीओ की आदेश को अनदेखा कर दिया। वहीं, उप निदेशक पंचायत कानपुर मंडल की तरफ से पूर्व में भेजे गए पत्रों पर भी कार्रवाई नहीं की।
इस पर सीडीओ ने अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए संबंधित विकास खंड अधिकारी, अवर अभियंता आरईडी व सहायक विकास अधिकार की संयुक्त जांच समिति गठित की है।
सीडीओ ने बताया कि दो दिन में समिति से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। तय समय पर जांच रिपोर्ट प्राप्त न होने पर जांच समिति के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई तय होगी।