गंगा किनारे रह रहे लोगों के घरों से निकलने वाले सीवरेज को मेन सीवर लाइन से जोड़ दिया जाएगा। सांसद ने कहा है कि कॉरिडोर के काम के तीनों चरणों को वीडियो ब्रीफिंग तैयार कर ली जाए। एक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भी भेजी जाएगी।
कॉरिडोर निर्माण के अड़चनों को दूर करेगी कमेटी
बाबा आनंदेश्वर कॉरिडोर के साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जानने के लिए मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर के निर्देशन में जिलाधिकारी की ओर से एक प्रशासनिक कमेटी भी बनाई गई है। यह कमेटी कॉरिडोर क्षेत्र के मूल राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करेगी।
साथ ही, पूर्व से लेकर अब तक इन अभिलेखों में क्या परिवर्तन हुए है, उसकी रिपोर्ट तैयार करेगी। कमेटी में केडीए सचिव, एसडीएम सदर, अपर नगर आयुक्त, तहसीलदार सदर, प्रभारी अधिकारी नजूल, एसीएम तृतीय, जोनल अधिकारी रखे गए हैं।
नौ मलिन बस्तियों को होगा विकास
शहर की नौ मालिन बस्तियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित किया जाएगा। पहले चरण में चयनित चार बस्तियों के लिए सवा चार करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया जा चुका है।
इन बस्तियों में रानी घाट, बुढ़िया घाट, सरसैया घाट और अस्पताल घाट शामिल हैं। सांसद पचौरी ने बताया कि बस्तियों में सड़क, बिजली और पेयजल की व्यवस्था के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी बनाए जाने की योजना है। इससे इन क्षेत्रों के रहवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
बता दें कि कानपुर में परमट धाम आनंदेश्वर मंदिर कॉरिडोर का निर्माण काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर कराया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी और नमामि गंगे परियोजना के तहत कार्य कराया जा रहा है। पहले चरण के निर्माण के लिए 25 अगस्त को भूमि पूजन किया गया था।
इसमें सड़क का चौड़ीकरण, वीआईपी रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास से सुलभ शौचालय तक नाले पर स्लैब ढालकर सड़क 40 फीट चौड़ी करना, पार्किंग स्थल विकसित करने, आनंदेश्वर मंदिर के परमट पुलिस चौकी के सामने स्थित गेट के पास से गंगा किनारे मंदिर परिसर तक आवागमन के लिए मार्ग का निर्माण आदि शामिल है।