अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर जमीनों को कब्जे में लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि मकसूदाबाद की जिन जमीनों पर भूमाफिया काबिज थे, वह जमीन केडीए की है और पिपौरी की जमीन राजस्व विभाग की। दोनों विभागों की ओर से जमीनों कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकारी जमीनों का अवैध पट्टा कर बेचने के मामले में जिला प्रशासन ने 22 लोगों को भूमाफिया घोषित किया है। मंगलवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें मकसूदाबाद में जमीन का खेल करने वाले आठ और मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित पिपौरी में सरकारी जमीन बेचने वाले 14 लोगों पर कार्रवाई की गई है।
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वीएसीएल इंडिया लिमिटेड के निदेशक बृजेंद्र सिंह चौहान पर दूसरी बार भूमाफिया की कार्रवाई हुई है। इससे पहले बिनगवां में सरकारी जमीन पर 287 लोगों को कब्जा देने के मामले में उसे भूमाफिया घोषित कर जेल भेजा जा चुका है। भूमाफिया की कार्रवाई के बाद अब इन सभी पर गैंगस्टर की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
साथ ही इन सभी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर जमीनों को कब्जे में लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि मकसूदाबाद की जिन जमीनों पर भूमाफिया काबिज थे, वह जमीन केडीए की है और पिपौरी की जमीन राजस्व विभाग की। दोनों विभागों की ओर से जमीनों कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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मकसूदाबाद के भूमाफिया
बृजेंद्र सिंह चौहान, 254 सी ब्लाक स्वराज नगर पनकी
आदित्य नारायन, 110/35 जवाहर नगर
प्रताप नारायन, 110/35 जवाहर नगर
उमाकांत, 110/38 जवाहर नगर
कृष्णकांत, 110/38 जवाहर नगर
अरुण कांत, 110/38 जवाहर नगर
जैनेंद्र सिंह, 46 एमआइजी बर्रा-2
रमेश, बैरी अकबरपुर बांगर