मौत ले आई आगे, पहले उतरना था
घायल रामकिशन ने रोते हुए बताया कि सौरिख या तालग्राम कट पर उतर कर फर्रुखाबाद होकर पीलीभीत जाना था। यहां न उतर कर भूल से आगे निकल आए और हादसा हो गया। अगर पहले उतर लिया होता, तो भाई-भाभी की जान बच जाती। लेकिन होनी होकर रहती है।
नींद की झपकी ने ली दंपती की जान
रात भर सफर करने के बाद चालक को नींद की झपकी आने से कार बेकाबू हो गई। चालक ने कार को संभालने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। नतीजा कार अंडर पास रेलिंग से टक्कर पलट गई। अगर चालक कार को कंट्रोल करने का प्रयास न करता तो और बड़ा हादसा होता।
क्रेन की मदद से उठाई क्षतिग्रस्त कार
कार अंडर पास से कई फुट नीचे आ गिरती। हादसे में जान गंवाने वाले दंपती का बेटा धर्मेंद्र कुमार भी अस्पताल में जीवन मौत से संघर्ष कर रहा है। यूपीडा ने क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की मदद से थाना तालग्राम में खड़ा करा दिया है। कार में एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, चालक का डीएल और दो मोबाइल फोन पुलिस के सुपुर्द किया है।
बता दें कि हादसा शनिवार की सुबह साढ़े छह बजे हुआ। बताया जा रहा है कि पीलीभीत के थाना पूरनपुर गांव सिमरा निवासी किसान रामपाल (65) , थाना भूमिचाई गांव कबीरपुर कसगंजा निवासी चालक महरूम शाह (33) की कार को किराए पर बुक कर परिवार के साथ बागेश्वर धाम दर्शन करने गए थे।
पीलीभीत लौट रहा था परिवार
दर्शन कर पीलीभीत लौट रहे थे। साथ में पत्नी चंपादेवी (57), पुत्र धर्मेंद्र (22), भाई रामकिशन (40) और छोटे भाई रामनिवास की पत्नी मुन्नीदेवी (35) भी थीं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर थाना तालग्राम के मछैया गांव के पास पहुंचते ही कार अंडर पास रेलिंग से टकरा कर पलट गई।