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पुलिस का कारनामा: कल्याणपुर इंस्पेक्टर ने सिपाही की मदद से वसूले एक लाख, पीड़ित पर ही दर्ज कर दिया था केस

Tue, 06 Apr 2021 02:05 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी पुलिस
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कानपुर के कल्याणपुर पुलिस मारपीट के मामले में सवालों के घेरे में है। कुछ दिन पहले पुलिस ने पीड़ित बीयर शॉप के मालिक पर ही केस दर्ज कर शातिर अपराधी और उसके साथियों पर मेहरबानी की थी और पीड़ित को छोड़ने के नाम पर एक लाख रुपये वसूलने के आरोप लगे हैं।
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बीयर शॉप मालिक की पत्नी ने इंस्पेक्टर कल्याणपुर के खिलाफ डीसीपी पश्चिम को लिखित शिकायत की। फटकार पड़ी तो पूरे पैसे वापस कर दिए। मामले में जांच भी शुरू हो गई है। दरअसल, नानकारी निवासी मोनू गौड़ की शिवली रोड पर बीयर शॉप है।

28 मार्च को कल्याणपुर थाने का टॉप-10 अपराधी भानू ठाकुर, उसका भाई शीनू ठाकुर अपने आठ-दस साथियों के साथ शॉप पहुंचा था। चार पेटी बीयर मांगी। पैसों की मांग की गई तो सभी ने मोनू और शॉप के कर्मचारी विशाल को पीटा था। मोनू के सिर पर रॉड से हमला किया था।
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मोनू की पत्नी प्रियंका ने कल्याणपुर इंस्पेक्टर जनार्दन प्रताप सिंह पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। सोमवार को डीसीपी पश्चिम संजीव त्यागी के पास पहुंची और बताया कि मारपीट के बाद पुलिस ने उनके पति को ही हवालात में डाल दिया था। सिपाही धीरेंद्र (इसका ट्रांसफर भी हो चुका है) के जरिये एक लाख रुपये की मांग की गई। जब पैसे दिए गए तब उनके पति को छोड़ा। 

पुलिस से पहले से ही कल रही थी खेल
मोनू के गंभीर चोटें आई थीं। उसे अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा था लेकिन पुलिस ने शातिर अपराधी के साथी निशांत की तहरीर पर बंधक बनाकर पीटने का मुकदमा मोनू पर ही दर्ज कर दिया था। पीड़ित के परिजनों ने अधिकारियों से शिकायत की तो कल्याणपुर पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज किया था। दूसरे दिन आरोपी शीनू को जेल भेजा था। 

मामले की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है। जो दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर
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