पुलिस ने पीयूष, उसकी प्रेमिका मनीषा मखीजा, मनीषा के ड्राइवर अवधेश कुमार चतुर्वेदी, पीयूष से सुपारी लेकर हत्या की साजिश रचने वाले आशीष कश्यप व सुपारी किलर रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया और सोनू कश्यप के अलावा पुलिस को सही जानकारी न देने के आरोप में पीयूष के पिता ओम प्रकाश, मां पूनम व दो भाइयों मुकेश और कमलेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। रेनू और सोनू के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था। रेनू के पास से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और ज्योति के गहने बरामद किए थे।
अवधेश, रेनू और सोनू घटना के बाद से जेल में ही बंद थे जबकि बाकी आरोपियों को जमानत मिल गई थी। गुरुवार को कोर्ट ने पीयूष, मनीषा, अवधेश, आशीष, रेनू व सोनू को हत्या का दोषी करार देकर जेल भेज दिया था। शुक्रवार सुबह सभी दोषियों को जेल से कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाया गया जहां अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने सजा के बिंदु पर अपना-अपना पक्ष रखा। अभियोजन ने जहां दोषियों को फांसी देने की मांग की वहीं बचाव पक्ष ने अलग-अलग तर्क देते हुए रहम की अपील कर कम से कम सजा देने की गुहार लगाई।