आईआईटी के उत्सव टेककृति-2022 में गूगल क्लाउड कम्प्यूटिंग तकनीक की जानकारी दी गई। यहां बताया गया कि क्लाउड कंप्यूटिंग 20 वर्षों में काफी विकसित हुई है। वहीं, जिस दर से टेक्नोलॉजी में सुधार हो रहा है, उसी तेजी से उसे लागू करने की भी जरूरत है।
आईआईटी के टेक्निकल फेस्ट टेककृति के दूसरे दिन की शुरुआत शनिवार को गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन के टेकटॉक कार्यक्रम से हुई। उन्होंने कहा कि टेक उद्यमी बनने के लिए स्पष्ट दृष्टि और जानकारी जरूरी है। ये दोनों चीजें नहीं होंगी तो उपलब्ध तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाएंगे और उद्यम सफलता के शिखर पर नहीं पहुंचेगा। कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर अमर उजाला है।
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थॉमस ने बताया कि क्लाउड कंप्यूटिंग 20 वर्षों में काफी विकसित हुई है। इसका उपयोग सॉफ्टवेयर वितरण प्रणाली के रूप में अधिक किया जाता था। व्यवसाय में नेतृत्व करने के लिए क्या आवश्यक है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी है कि नेतृत्व करने वाला अपनी टीम को एक दिशा में ले जाए। टीम अलग-अलग दिशा में जाएगी तो उद्यम सफल नहीं हो सकता है। नेतृत्वकर्ता का लक्ष्य निर्धारित और प्राथमिकताएं परिभाषित होनी चाहिए।
दूसरे सत्र की शुरुआत पैनलिस्ट अमित अग्रवाल (नोब्रोकर) और रिजवान कोइता (सिटियस टेक) ने की। अमित ने बताया कि एक बार उन्हें एक घर किराये पर लेना पड़ा तो उनको ब्रोकर को भी चार्ज देना पड़ा। इससे उन्हें नोब्रोकर का आइडिया आया और उन्होंने फर्म बना डाली। रिजवान ने अपने सफर के बारे में बताया। नगर शिवशरणप्पा जीएन, अंकित प्रसाद, टैगिन के संस्थापक पंकज अग्रवाल, जूलिया कम्प्यूटिंग के संस्थापक और कार्यकारी सीईओ विरल शाह ने भी विचार रखे।