कानपुर। सड़कों को खोदकर मरम्मत न करने वाले विभाग के जिम्मेदारों को जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में रावतपुर क्रॉसिंग से डबल पुलिया तक क्षतिग्रस्त सड़क के लिए जल निगम/जलकल विभाग की लापरवाही मानते हुए कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। नगर निगम के चीफ इंजीनियर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बैठक में न आने पर दोनों को चेतावनी दी।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सड़कों की दुर्दशा पर अधिकारियों की क्लास लगाई। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं से पिछले तीन वर्षों में खोदी गई सड़कों का ब्योरा मांगा। बैठक में यातायात विभाग ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। नवंबर 2024 की तुलना में नवंबर 2025 में दुर्घटनाएं 34 से घटकर 26 रहीं। मृतकों की संख्या 19 से घटकर 14 और घायलों की संख्या 23 से घटकर 13 हो गई। दिसंबर 2024 में 57 दुर्घटनाएं थीं जो दिसंबर 2025 में 37 रह गईं। जनवरी 2025 में 37 और जनवरी 2026 में 24 हादसे हुए। मृतकों और घायलों की संख्या में भी कमी आई है।
जनवरी में 10,108 चालान, 6297 ओपरस्पीडिंग के
यातायात पुलिस ने जनवरी 2026 में 10,108 चालान किए। इनमें 6297 ओवरस्पीड, 1307 नो पार्किंग, 996 हेलमेट न पहनने और 938 विपरीत दिशा में वाहन चलाने के मामले थे। जिले के 18 थाना क्षेत्रों में 20 विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को स्पीड लेजर गन, बॉडी कैमरा और ब्रेथ एनालाइजर जैसे उपकरण दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने का निर्णय लिया गया है।