उपकरण खरीद के लिए आईआईटी कानपुर द्वारा एडवांस में किए गए 3.86 लाख के भुगतान को हैकर्स ने दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिया। आईआईटी के अवर अधीक्षक राजकुमार श्रीवास्तव ने कल्याणपुर थाने में आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच साइबर सेल को सौंपी गई है।
राजकुमार के मुताबिक, संस्थान ने इसी साल 10 जुलाई को ई-मेल के जरिये हांगकांग की कंपनी थर्मोफिशर साइंटिफिक लिमिटेड को बायोलॉजिकल सेफ्टी कैबिनेट मशीन की सप्लाई का आर्डर दिया था। इसकी कीमत तीन लाख 86 हजार 650 रुपये थी। कंपनी की शर्तों के मुताबिक, आईआईटी को पूरी रकम एडवांस में अदा करनी थी।
इस पर भारतीय स्टेट बैंक की आईआईटी शाखा से पूरी रकम कंपनी खाते में ट्रांसफर कर दी गई। लेकिन, ई-मेल के जरिये कंपनी के प्रतिनिधियों से जानकारी मिली कि रकम उन्हें नहीं मिली है। राजकुमार ने बताया कि हैकर्स ने ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम में छेड़छाड़ कर आईआईटी द्वारा किए गए फॉरेन बैंक ट्रांसफर को थर्मोफिशर साइंटिफिक लिमिटेड के नाम की ही फर्जी कंपनी में ट्रांसफर करा लिया है। ठगी की जानकारी पर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना प्रभारी के मुताबिक मामला साइबर क्राइम से जुड़ा है। इसलिए जांच साइबर सेल को सौंपी गई है।