यूपी में फतेहपुर जिले के हसवा ब्लॉक परिसर में होर्डिंग हटाने के विवाद में असलहे लहराने वाले पूर्व ब्लॉक प्रमुख पक्ष के खिलाफ सोमवार देर रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने एफआईआर के बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख को छोड़ दिया है।
मामले में पुलिस लाइसेंसी शस्त्रों के दुरुपयोग की रिपोर्ट डीएम कार्यालय भेजेगी। हसवा ब्लॉक के निवर्तमान प्रमुख अक्षय लोधी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। उनका आरोप है कि वह सरकारी आवास परिसर में सोमवार को थे।
इस दौरान अचानक इमादपुर के रहने वाले पूर्व ब्लॉक प्रमुख इंद्रसेन यादव, सुरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, बलबीर यादव, दलबीर यादव समेत दो दर्जन लोग लाइसेंसी और अवैध असलहों से लैस होकर घुस आए। सरकारी कार्ययोजनाओं के कागजात फाड़ दिए। कर्मचारियों को जान से मारने की धमक दी।
उन पर भी राइफल तानकर धमकी दी। उन्होंने दूसरे कमरे में घुसकर जान बचाई। इस मामले में पुलिस ने इंद्रसेन यादव पक्ष के खिलाफ बलवा, धमकी, सरकारी कार्य में बधा, तोड़फोड़, गाली गलौज की रिपोर्ट दर्ज की है। थाना प्रभारी उपेंद्र नाथ राय ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी पक्ष को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस दी जाएगी। उसके बाद गिरफ्तारी की जाएगी। शस्त्र निरस्तीकरण की जल्द ही रिपोर्ट भेजी जाएगी।