फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: उत्तर रेलवे में भी ‘कवच’, आमने-सामने नहीं टकराएंगी ट्रेनें, हर किमी पर लगेगी चिप

Sat, 04 Feb 2023 12:38 PM IST
शिखा पांडेय दुर्गेंद्र कुमार शर्मा, शुक्लागंज

सार

रेलवे की कार्यदायी कंपनी हैदराबाद की टिकांस के साइट इंजीनियर लक्ष्मण पोलिस ने बताया कि तीन दिन से उनकी कंपनी सहजनी रेलवे क्रॉसिंग मार्ग किनारे बेस कैंप बनाकर कवच योजना के लिए काम कर रही है। इस योजना के लागू होने से रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ ही रेलवे को अन्य फायदे भी होंगे।
विज्ञापन
सहजनी रेलवे क्रॉसिंग मार्ग के निकट कवच योजना के अंतर्गत भूमिगत ओएफसी केबल डाली जा रही - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर पूर्वी रेलवे, दक्षिण रेलवे, सेंट्रल रेलवे की तर्ज पर अब उत्तर रेलवे में भी कवच योजना के अंतर्गत कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रथम चरण में कानपुर सेंट्रल से लखनऊ को चुना गया है। इसके लिए उन्नाव के सहजनी रेलवे क्रॉसिंग रेल मार्ग के बीच बेस कैंप बनाकर हैदराबाद की कंपनी ने तकनीकी कार्य शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


यह सिस्टम लागू होने से एक ही रेल पथ पर दो ट्रेनों के आने पर एक किलोमीटर पहले पहिए रुक जाएंगे। इससे आमने-सामने नहीं टकराएंगी। रेलवे की कार्यदायी कंपनी हैदराबाद की टिकांस के साइट इंजीनियर लक्ष्मण पोलिस ने बताया कि तीन दिन से उनकी कंपनी सहजनी रेलवे क्रॉसिंग मार्ग किनारे बेस कैंप बनाकर कवच योजना के लिए काम कर रही है। इस योजना के लागू होने से रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ ही रेलवे को अन्य फायदे भी होंगे।

उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में यह व्यवस्था अभी तक नहीं थी। अब उन्नाव शुक्लागंज के सहजनी रेलवे क्रॉसिंग रेल मार्ग के बीच से यह कार्य शुरू करा दिया गया है। यह योजना लागू होने के बाद रेल पथ पर यदि आमने सामने ट्रेनें आ जाएंगी तो एक किमी पहले इसकी जानकारी कंट्रोल रूम व ट्रेन के चालक को पता चल जाएगी, इससे दोनाें ट्रेनों को रोक दिया जाएगा। साथ ही यदि ट्रेन के चलते समय कोई तकनीकी खराबी आने पर भी चालक को जानकारी हो जाएगी। नेटवर्किंग की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन

नियम तोड़ने पर भी कंट्रोल रूम को हो जाएगी जानकारी
निर्धारित गति से अधिक गति में ट्रेन दौड़ाने या अन्य नियम तोड़ने पर भी कंट्रोल रूम को जानकारी हो जाएगी। कानपुर से लखनऊ रेल मार्ग के बीच भूमिगत आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के साथ ही प्रत्येक किलोमीटर के ओएचई पोल पर जीपीएस चिप डिवाइस लगाए जा रहे हैं। कार्य एक साल में पूरा होगा। साथ ही फाइबर केबल को प्रत्येक स्टेशन के सिग्नल एंड टेलीकाम विभाग से जोड़ा जाएगा, जबकि कंट्रोल रूम लखनऊ में बनेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें