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MLC election: कई चरणों में चूकी भाजपा और हार गए वेणुरंजन, पहली बार शिक्षक एमएलसी चुनाव में उतरी थी पार्टी

Sat, 04 Feb 2023 09:01 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

शिक्षक एमएलसी चुनाव में पहले से ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ठाकुर बिरादरी से दो दिग्गज मैदान में थे, इसके बावजूद भाजपा ने भी ठाकुर बिरादरी पर ही भरोसा जताया। कहा जा रहा है कि इसकी वजह से ठाकुर बिरादरी के मतों का बंटवारा तो हुआ ही ब्राह्मण बिरादरी ने भी किनारा कर लिया।
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वेणुरंजन भदौरिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में स्नातक एमएलसी चुनाव की कानपुर-उन्नाव सीट पर भाजपा ने पूरे प्रदेश में जीत डंका भले ही बजा दिया लेकिन शिक्षक एमएलसी चुनाव में पहली बार उतरी पार्टी को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। कहने को तो पार्टी ने पूरे सोच-विचार से इस चुनाव में उतरने का मन बनाया था लेकिन कई जगहों पर चूक गई।

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चुनावी पंडितों ने भाजपा की हार की जो वजहें बताई हैं, उसमें पहली वजह प्रत्याशी चयन को लेकर है। भाजपा को यह पता था कि शिक्षक एमएलसी का चुनाव विधानसभा और लोकसभा चुनाव से काफी अलग है, इसके बावजूद उसने मतदान के कुछ दिन पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित किया। पार्टी के अंदर कई दावेदार पहले से थे। प्रत्याशी घोषित होते ही खींचतान चलती रही। कहा जा रहा है कि भितरघात की वजह से भी भाजपा को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा जातिगत समीकरण को साधने में भी पार्टी फेल रही।

शिक्षक एमएलसी चुनाव में पहले से ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ठाकुर बिरादरी से दो दिग्गज मैदान में थे, इसके बावजूद भाजपा ने भी ठाकुर बिरादरी पर ही भरोसा जताया। कहा जा रहा है कि इसकी वजह से ठाकुर बिरादरी के मतों का बंटवारा तो हुआ ही ब्राह्मण बिरादरी ने भी किनारा कर लिया। ऐसे में पार्टी को दोहरा नुकसान होने की बात कही जा रही है। जिस तरह से स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदाताओं की सूची को अपडेट किया गया था, उस तरह से शिक्षक एमएलसी मतदाताओं की सूची भाजपा अपडेट नहीं कर पाई थी।
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इस वजह से भी मतों का प्रतिशत कम हो गया। क्योंकि भाजपा ने वेणुरंजन भदौरिया के रूप में ऐसे चेहरे को मैदान में उतारा था, जिसकी राजनीतिक प्रभाव लोगों के बीच कम रहा। उन्नाव से बाहर कानपुर और देहात जिले में तो बिल्कुल ही कम रहा। ऐसे में भी पार्टी को नुकसान हुआ। एक वजह यह भी कही जा रही है कि शिक्षक एमएलसी के चुनाव में हमेशा शिक्षक को ही प्रत्याशी के रूप में उतारा जाता रहा है। वेणुरंजन क्योंकि स्कूल प्रबंधक हैं, इसका भी असर पड़ा है।

स्नातक चुनाव में पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। शिक्षक एमएलसी चुनाव में हार की वजह क्या रही है, इसकी समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाएगा। - सुनील बजाज, जिलाध्यक्ष भाजपा उत्तर

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