सरकार भले ही दावा कर रही हो कि सभी छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है और कोर्स पूरा कराया जा रहा है पर हकीकत कुछ और ही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कानपुर मंडल के सभी जिलों में ऑनलाइन पढ़ाई की हकीकत जानने के लिए रिपोर्ट तैयार की है।
इसमें पता चला है कि 45 फीसदी छात्र विभिन्न कारणों से ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। यही नहीं ऑनलाइन पढ़ाई करने में इटावा जिले के बच्चे सबसे आगे हैं। कानपुर नगर का दूसरा स्थान है। कोरोना के चलते बीते दो वर्षों से ऑफलाइन पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई ही विकल्प थी। कुछ स्कूल जूम, गूगल मीट या अन्य एप से पढ़ाई करवा रहे हैं तो कुछ व्हाट्सएप के जरिये छात्रों को नोट्स और पढ़ाई संबंधी वीडियो भेज रहे हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक केके गुप्ता ने इसकी हकीकत जानने के लिए इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर नगर और कानपुर देहात में ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की उपस्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार करवाई है।
इटावा में ऑनलाइन मोड से पढ़ने वाले छात्र 72.31 फीसदी हैं। कानपुर नगर में 58.27 फीसदी छात्र ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि माध्यमिक स्कूलों में आर्थिक कमजोर वर्ग के छात्र प्रवेश लेते हैं। आर्थिक तंगी, स्मार्टफोन की कमी, गांवों में इंटरनेट की दिक्कतों की वजह से छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं जुड़ पा रहे हैं। बता दें कि ये आंकड़े 9वीं, 10वीं और 12वीं कक्षाओं के हैं।