कानपुर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से एक दिन पहले शुक्रवार को भाजपा और समाजवादी पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। अलग-अलग स्थानों पर बैठक की। प्रत्याशियों के समर्थन वाले सदस्यों की संख्या और उनके प्रमाण पत्रों को जांचने के साथ ही रात भर सदस्यों की आवभगत होती रही।
महानगर जनपद में भाजपा की तरफ से पूर्व कैबिनेट मंत्री कमलरानी वरुण की पुत्री स्वप्निल वरुण को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, सपा से राजू दिवाकर चुनाव मैदान में हैं। बसपा ने इस चुनाव में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। यही वजह है कि बसपा के जिला पंचायत सदस्यों को अपनी तरफ लाने के लिए चुनाव के एक दिन पहले तक जद्दोजहद चलती रही।
पता चला है कि दोनों प्रत्याशियों की तरफ से अपने समर्थन वाले सदस्यों को पिछले करीब 15 दिनों से शहर के होटलों में रखकर उनकी आवभगत की जा रही है। इसी तरह कानपुर देहात में भाजपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है, फिर भी वहां पर चुनाव को लेकर भाजपाई सक्रिय हैं।
यहां पर सांसद देवेंद्र सिंह भोले के छोटे भाई की पत्नी नीरज रानी चुनाव लड़ रही हैं। सपा की ओर से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह दोबारा किस्मत आजमा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव समाप्त होने के बाद ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव होंगे।