कानपुर। आधुनिक तकनीक की मदद से दंत चिकित्सा को और मजबूत करने के लिए हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) और विश्नोई हॉस्पिटल के बीच करार हुआ है। दोनों संस्थान डिजिटल डेंटिस्ट्री के साथ एडवांस हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे। दांत, जबड़े को आधुनिक तरीके से लगाया जा सकेगा। ‘डिजिटल डेंटिस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की तैयारी है।
समझौते के तहत छात्रों और युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण व सर्टिफिकेशन कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसमें डिजिटल डेंटिस्ट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, थ्रीडी प्रिंटिंग, डिजिटल इम्प्लांट टेक्नोलॉजी और एडवांस डेंटल लैब जैसे विषय शामिल होंगे। इन कोर्स के माध्यम से छात्र आधुनिक उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकेंगे।
उन्हें देश-विदेश में नौकरी के बेहतर अवसर मिलेंगे। वह अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए सक्षम बनेंगे।डॉ. मनीष विश्नोई ने बताया कि अब दंत चिकित्सा केवल इलाज तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें एआई, डिजिटल डिजाइन और थ्रीडी मैन्युफैक्चरिंग का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यह सहयोग युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
एचबीटीयू के कुलपति प्रो. शमशेर के एमओयू हुआ। इनक्यूबेटर सेल के डीन प्रो. जितेंद्र भास्कर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. विनय प्रताप सिंह मौजूद रहे। विश्नोई हॉस्पिटल की निदेशक रेशू विश्नोई, डिजिटल डेंटिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष विश्नोई, कन्वीनर डॉ. नैंसी और चीफ टेक्निशियन इंजीनियर बलीग भी उपस्थित रहे।