विकास परियोजनाओं को लेकर भी समीक्षा बैठक
डिप्टी सीएम करीब तीन घंटे तक जिले में रहे। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थितियां परखने के साथ ही विकास परियोजनाओं को लेकर भी समीक्षा बैठक की। वहीं जिला संगठन के साथ भी बैठक की। सूत्रों के अनुसार, इसमें उन्होंने नगर निकाय चुनाव में मिली करारी हार को लेकर भी मंथन किया है।
विवादों में रहता है जिला अस्पताल
जिला अस्पताल का विवादों से नाता काफी पुराना है। लगभग 20 दिन पहले इमरजेंसी के अंदर तक दलालों ने घुसपैठ की शिकायत हुई थी। एक मरीज बरगलाकर बाहर मेडिकल स्टोर से दवा एक दलाल ने दिलवा दी थी, जबकि डॉक्टर ने तब तक दवा लिखी भी नहीं थी।
मेडिकल के नाम मांगे थे 1500
मेडिकल कराने के नाम पर वार्ड ब्वाय की ओर से 15 सौ रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया था। सीएमएस ने इस मामले में जांच बैठाई थी। उधर, कई बार ऑपरेशन कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के भी आरोप लग चुके हैं। अस्पताल में दवाओं की कमी भी एक समस्या है।
बिना रोक-टोक पहुंचते हैं एमआर
जिला अस्पताल में बिना रोक टोक के मेडिकल रिप्रेंजेटिव सुबह से ही डॉक्टरों के चैंबर में आ धमकते हैं। लिहाजा डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं। अस्पताल के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर वाले मरीजों के हाथ में पर्चा लिए व्यक्ति को देखते ही आवाज लगाकर और हाथ के इशारे से बुलाने लगते हैं।
डिप्टी सीएम के दौरे को लेकर निरीक्षण करने आए हैं। सब कुछ व्यवस्थित है, जो कमी दिखी उसे ठीक कराने के साथ साफ सफाई रखने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टर दवाएं बाहर की न लिखें इसके निर्देश दिए हैं। -डॉ. गीताराम, सीएमओ