रनियां। खानचंद्रपुर में मटियामऊ रोड पर क्रोमियम कचरा डंप स्थल के पास 25 बीघा भूमि की दरकार है। आईआईटी के विशेषज्ञों व यूपीसीडा के अधिकारियों ने डंप क्रोमियम कचरा स्थल से लगी खाली भूमि की पैमाइश कराने को कहा। इस तीन लेखपालों की टीम ने पैमाइश की तो केवल 14 बीघे जमीन निकली है। ऐेसे में क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए भूमि के चयन पर निर्णय नहीं हो सका है।
अकबरपुर तहसील के खानचंद्रपुर में मटियामऊ रोड किनारे छह फैक्टरियों का 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा डंप है। इसकी वजह से भूगर्भ जल दूषित हो गया है। एनजीटी ने कचरा डंप करने वाली फैक्टरियों के संचालकों पर 280 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अभी जुर्माना राशि की वसूली नहीं हो सकी। एनजीटी ने राज्य सरकार को क्रोमियम कचरा निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इस पर यूपीसीडा को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। 10 नवंबर को एसडीएम सदर वागीश कुमार शुक्ला ने राजस्व टीम के साथ खानचंद्रपुर में हाईवे से पांच किलोमीटर दूर स्थित भूमि व आठ किमी दूर किशरवल गांव की भूूमि देखी थी।
लगभग एक सप्ताह पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक आरके सिंह, आईआईटी प्रोफेसर राजेश सत्यमूर्ति, प्रोफेसर आभास सिंह व तकनीकी सहायक संदीप बौरा, यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता संजय तिवारी, एसडीएम सदर व तहसीलदार ने क्रोमियम डंप स्थल देखा था। आईआईटी की टीम ने डंप स्थल से लगी खाली भूमि की पैमाइश कराने को कहा था। एसडीएम के निर्देश पर उमरन के लेखपाल रविंद्र शुक्ल, रनियां के लेखपाल प्रदीप गौड़ व किशरवल के लेखपाल राकेश मिश्रा ने पैमाइश की। उमरन के लेखपाल ने बताया कि मौके पर 14 बीघा सरकारी जमीन निकली है। यह भूमि किशरवल, खानचंद्रपुर व प्रसिद्धपुर भाट गांव की है। उन्होंने बताया कि किशरवल के पास पतारी गांव में भी 17 बीघा भूमि देखी गई है। अभी क्रोमियम निस्तारण के प्रयोजन से भूमि चिह्नित नहीं हुई है।
क्रोमियम डंप स्थल के पास सरकारी भूमि की पैमाइश हो चुकी है। लगभग 14 बीघा भूमि मिली है। अन्य स्थानों में भूमि की तलाश की जा रही है।
-रणविजय सिंह, तहसीलदार अकबरपुर
खानंचद्रपुर के मटियामऊ रोड पर डंप क्रोमियम स्थल के पास देखी गई भूमि पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। अन्य जगहों पर अकबरपुर एसडीएम व तहसीलदार की ओर भूमि की तलाश कराई जा रही है।
- संजय तिवारी अधिशासी अभियंता यूपीसीडा