कानपुर। कमिश्नरी के थानों में मिशन शक्ति केंद्रों को आंध्र प्रदेश के मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्टाफ को जांच, साक्ष्य बरामदगी, गवाही आदि के लिए वाहन दिए जाएंगे। वहीं, विवेचनाओं की समीक्षा करने का अधिकार मिलेगा। यह जांच अधिकारी सीधे शीर्ष अफसरों को रिपोर्ट कर सकेंगे। पहले चरण में हर थानों में दो-दो स्कूटी देने पर सहमति बनी है।
तीन दिन पहले पुलिस मुख्यालय ने मिशन शक्ति केंद्रों की समीक्षा की थी। सभी जिलों की रिपोर्ट ली गई। अधिकारियों ने मिशन शक्ति केंद्रों को और ताकतवर व प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसमें सूचना मिलते ही मौके पर स्टाफ के जाने के अलावा पीड़ित को किसी किसी तरह की कानूनी सहयोग दिलाने पर विचार विमर्श हुआ। इसमें जांच अधिकारी (महिला एसआई) को विवेचना की समीक्षा करने का अधिकार मिलेगा। थानों में पूरा सेटअप तैयार होगा। मूलगंज, बेकनगंज समेत सात थानों में केंद्र के लिए जगह देखी जा रही है। जेसीपी अपराध विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्रों के लिए आंध्र प्रदेश के मॉडल पर कार्य किया जा रहा है। केंद्रों के संसाधनों को बढ़ाया जाएगा।