ठंड की वजह से इंफ्लुएंजा वायरस के संक्रमण का प्रकोप बढ़ रहा है। हर घर में नजला, जुकाम, बुखार का रोगी है। क्रोनिक रोगियों में इंफ्लुएंजा के संक्रमण के बाद न्यूमोनाइटिस के मामले बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही दमा और अस्थमा के रोगी निमोनिया की गिरफ्त में आ रहे हैं। गुरुवार को निमोनिया से दो रोगियों की मौत हो गई।
इसके अलावा कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में हार्टअटैक के रोगी आए। कुछ रोगी सांस फूलने की समस्या लेकर आए। इसके अलावा दवा से नियंत्रित चल रहे ब्लडप्रेशर और डायबिटीज के रोगियों की तबीयत बिगड़ने लगी है। हैलट में गुर्दा, लिवर और ब्रेन अटैक के रोगियों को भर्ती किया गया है।
हैलट, उर्सला और निजी अस्पतालों की ओपीडी में इंफ्लुएंजा के रोगियों की भरमार रही। कोरोना के लक्षण वाले रोगियों को मैटरनिटी विंग कोविड अस्पताल की फ्लू ओपीडी में भेजा गया। उनके सैंपल जांच के लिए कोविड लैब भेजे गए। एक्सरे जांच में खांसी के रोगियों के फेफड़ों में निमोनिया मिल रहा है।
दो रोगियों की निमोनिया से मौत हो गई। ये दोनों रोगी कई साल से अस्थमा की गिरफ्त में रहे हैं लेकिन दवा से स्थिति नियंत्रित रही। गीतानगर की राजेश्वरी (65) और चमनगंज की नरगिस (57) की निमोनिया से मौत हुई है। सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. एसके कटियार का कहना है कि जिन क्रोनिक रोगियों के लक्षण बढ़ रहे हैं, वे अपनी जांच कराकर दवा की डोज दुरुस्त करा लें।