राजनीति के जानकारों का मानना है कि भाजपा प्रत्याशी को जनता से दूरी महंगी पड़ी। जबकि सपा प्रत्याशी की छवि एक मेहनती प्रत्याशी के तौर पर जनता के बीच रही।
चित्रकूट सीट से भाजपा प्रत्याशी व राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय के तजुर्बे पर सपा के युवा प्रत्याशी व पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिल प्रधान की रणनीति भारी पड़ी। यहां सपा प्रत्याशी ने करीब 20 हजार 876 वोटों से जीत दर्ज की।
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अनिल चित्रकूट धाम मंडल के सबसे कम उम्र के विधायक हैं। परिणामों के बाद जिले में जगह-जगह चुनाव पर चर्चा होती रही। 71 साल के वरिष्ठ नेता चंद्रिका प्रसाद के प्रदर्शन को लेकर लोग कयास लगाते रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार मंचों से उनकी तारीफ भी की है।
राजनीति के जानकारों का मानना है कि भाजपा प्रत्याशी को जनता से दूरी महंगी पड़ी। जबकि सपा प्रत्याशी की छवि एक मेहनती प्रत्याशी के तौर पर जनता के बीच रही। वे मात्र 28 साल के हैं। कुछ का ये भी मानना है कि अगर अनिल प्रधान को मानिकपुर सीट से लड़ाया जाता तो और ज्यादा वोटों से जीत होती। अनिल की भाभी इस वक्त जिला पंचायत सदस्य भी हैं। अनिल पूरे चुनाव हवाई चप्पल पहनकर प्रचार करते दिखे। वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थकों की टीम भाजपा समर्थकों से ज्यादा आक्रामक प्रचार करती दिखी।