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प्रतिबंधित व नकली दवाओं की सप्लाई का मामला: खड़िया और नमक से बना रहे थे एंटीबायोटिक दवा, दवाएं बरामद

Tue, 22 Jun 2021 10:27 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

प्रतिबंधित नशीली और नकली दवाएं बनाने वाला सरगना अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नशीली दवाइयां, इंजेक्शन और कई कास्मेटिक क्रीम बरामद करने का दावा किया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के दबौली में प्रतिबंधित नशीली और नकली दवाओं के पकड़े जाने के बाद हरकत में आई क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार को लखनऊ के अमीनाबाद में दो और गोदामों पर छापा मारकर गैंग के एक अन्य सदस्य को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि सरगना अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
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पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नशीली दवाइयां, इंजेक्शन और कई कास्मेटिक क्रीम बरामद करने का दावा किया है। आरोपी ने बताया कि वह पांच साल से इस कारोबार में है। नकली एंटीबायोटिक दवाएं खड़िया और नमक की मदद से बनाई जाती हैं। देहरादून, मुजफ्फरनगर, हिमाचल के बद्दी में ऑर्डर देकर नकली दवाएं मंगाई जाती हैं। 
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क्राइम ब्रांच और गोविंदनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने दबौली टेंपो स्टैंड के पास छापा मारकर प्रतिबंधित व नकली दवाओं की सप्लाई करने वाले जगईपुरवा निवासी पिंटू गुप्ता उर्फ गुड्डू और बेकनगंज निवासी आसिफ मोहम्मद खां उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से 17770 नाइट्रावेट और 48 हजार टैबलेट नकली एंटीबायोटिक जिफी बरामद की थी।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर लखनऊ के अमीनाबाद के कसाईबाड़ा स्थित दो दवा के गोदामों में छापा मारकर गैंग के एक और सदस्य सचिन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सचिन ने कबूला कि वह नकली व नशीली दवाओं की सप्लाई लखनऊ और आस पास के ग्रामीण इलाकों में करता है। गोदाम से बरामद दवाओं की कीमत डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंकी गई है।

कोरोना कॉल में खूब बिकी नकली एंटीबायोटिक दवा
आरोपी ने बताया कि कोरोना कॉल में सबसे ज्यादा एंटीबायोटिक दवाओं की मांग बढ़ गई थी। मांग को देखते हुए हूबहू जिफी की नकली दबाएं । जो हूबहू असली दवा जैसे थे। पैकिंग से लेकर डिब्बे में लोगों को अंतर ढूंढना मुश्किल हो जाता था। कम रेट होने के चलते लोग आसानी से ले लेते थे। हालांकि दवा में खड़िया और साल्ट होने के चलते वह हानिकारक नही होता है। 
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