संघ पदाधिकारियों, भाजपा नेताओं, वकीलों व अन्य लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले विष्णु बाबू दिवाकर को गिरफ्तार करने में आउटर पुलिस नाकाम रही है। पुलिस की एक टीम मंगलवार को उसके घर पर खानापूरी करने पहुंची।
जबकि पता था कि ठग पहले ही परिवार समेत फरार हो चुका है। उसके फरार होने के पीछे पुलिस की बड़ी लापरवाही रही। अगर पुलिस ने शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज की होती तो आरोपी गिरफ्त में होता।
मेरठ निवासी भाजपा नेत्री पूजा बंसल की तहरीर पर सचेंडी पुलिस ने सोमवार को सचेंडी के सीढ़ी इटारा के रहने वाले शातिर ठग विष्णु बाबू दिवाकर पर धोखाधड़ी, वसूली समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। पूजा को आयोग का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर दिवाकर ने उनसे 50 लाख रुपये ठगे थे।
हैरानी की बात ये है कि पूजा ने 20 जुलाई को शिकायत कर तहरीर दी थी। तब से एक सप्ताह तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इसकी जानकारी विष्णु को हो गई थी लिहाजा वो परिवार समेत भाग निकला। अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी की जद्दोजहद कर रही है। अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर ली होती तो उसको भागने का मौका नहीं मिलता।