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आनंदी बेन पटेल का कानपुर दौरा: अफसरों, मंत्रियों की भूमिका में फिर दिखेंगी राज्यपाल, ये रही पूरी जानकारी

Wed, 28 Jul 2021 01:37 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

राज्यपाल की इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि बीते डेढ़ साल में कानपुर के प्रभारी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उद्यमियों के साथ एक भी बैठक नहीं की।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को एक बार फिर लीक से हटकर अफसरों और मंत्रियों वाली भूमिका में नजर आएंगी। राज्यपाल की यह भूमिका कोई पहली बार देखने को नहीं मिलेगी, बल्कि 11 सितंबर 2019 के दौरे में भी वो ऐसा कर चुकी हैं।
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उस दौरे में उन्होंने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय परिसर में सभी विभागों के अधिकारियों को बुलाकर केंद्रीय योजनाओं के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा की थी। उसके बाद सचेंडी थाना और एक टेनरी का निरीक्षण भी किया था। आम तौर पर यह काम अफसरों, मंत्रियों या मुख्यमंत्री का होता है।

राज्यपाल की बुधवार को होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों की फेहरिस्त उसी दौरे की याद दिला रही है। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक लगातार व्यस्तता के बावजूद उन्होंने शाम छह से सात बजे के बीच उद्यमियों संग बैठक रखी है।
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उद्यमी बताते हैं कि उनकी याद में बीते 25-30 वर्षों में किसी राज्यपाल ने औद्योगिक संगठनों के साथ कभी बैठक नहीं की। औपचारिक मुलाकात होना अलग बात है। मगर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल डेढ़ वर्ष में तीसरी बार उद्यमियों के बीच में होंगी।
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11 सितंबर 2019 को ही राज्यपाल ने जाजमऊ के वाजिदपुर स्थित आईए लेदर्स टेनरी का निरीक्षण किया था और चमड़ा उद्योग की ताजा स्थिति की समीक्षा भी की थी। उद्यमियों को भरोसा दिया था कि कानपुर के चमड़ा उद्योग के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं।

हालांकि चमड़ा उद्यमियों के अच्छे दिन अभी तक आए नहीं। अब डेढ़ साल बाद राज्यपाल फिर से चमड़ा उद्योग की प्रगति पूछ सकती हैं, क्योंकि उद्यमियों की बैठक में चमड़ा कारोबारियों को प्रमुखता से बुलाया गया है।

राज्यपाल की इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि बीते डेढ़ साल में कानपुर के प्रभारी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उद्यमियों के साथ एक भी बैठक नहीं की। कोरोना काल में चौपट हुए उद्योगों की स्थिति जानने का भी प्रभारी मंत्री की ओर से प्रयास नहीं किया गया। 
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