राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को एक बार फिर लीक से हटकर अफसरों और मंत्रियों वाली भूमिका में नजर आएंगी। राज्यपाल की यह भूमिका कोई पहली बार देखने को नहीं मिलेगी, बल्कि 11 सितंबर 2019 के दौरे में भी वो ऐसा कर चुकी हैं।
उस दौरे में उन्होंने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय परिसर में सभी विभागों के अधिकारियों को बुलाकर केंद्रीय योजनाओं के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा की थी। उसके बाद सचेंडी थाना और एक टेनरी का निरीक्षण भी किया था। आम तौर पर यह काम अफसरों, मंत्रियों या मुख्यमंत्री का होता है।
राज्यपाल की बुधवार को होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों की फेहरिस्त उसी दौरे की याद दिला रही है। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक लगातार व्यस्तता के बावजूद उन्होंने शाम छह से सात बजे के बीच उद्यमियों संग बैठक रखी है।
उद्यमी बताते हैं कि उनकी याद में बीते 25-30 वर्षों में किसी राज्यपाल ने औद्योगिक संगठनों के साथ कभी बैठक नहीं की। औपचारिक मुलाकात होना अलग बात है। मगर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल डेढ़ वर्ष में तीसरी बार उद्यमियों के बीच में होंगी।