सीए फाइनल और इंटरमीडिएट मई 2023 का परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित किया गया। सीए फाइनल में शहर की टॉप-5 सूची में तीन बेटियां हैं। सीए फाइनल परीक्षा में 683 छात्र शामिल हुए थे। इनमें 170 सफल हुए हैं। शहर के अनुज जैन ने देश में 13वां स्थान पाकर सिटी टॉप किया है। शहर में दूसरे स्थान पर रहीं परमीत कौर को 499 अंक मिले हैं। देश में उनकी 39वीं रैंक है। मंतशा शरीफ को तीसरा स्थान मिला है। उन्हें 434 अंक मिले हैं। सुनोबिया फातिमा को चौथा स्थान मिला। उन्हें 411 अंक मिले। पांचवें स्थान पर रहे हर्ष श्रीवास्तव को 410 अंक मिले हैं।
अनुज ने देश में पाया 13वां स्थान
सीए फाइनल में कानपुर के अनुज जैन ने पूरे देश में 13वां स्थान हासिल किया है। सिटी में वह टॉपर रहे हैं। उन्हें 800 में 545 अंक मिले हैं। किदवईनगर एन ब्लाॅक में रहने वाले अनुज ने पहले प्रयास में दोनों ग्रुपों (ग्रुप एक और दो) में सफलता हासिल की है। पिता वीरेंद्र जैन का कपड़ों का कारोबार है। मां रेखा जैन गृहिणी हैं। उनका कहना है कि वह आगे नौकरी करेंगे। उन्होंने परीक्षा की तैयारी ऑनलाइन की। बड़े भाई प्रांजल जैन पिता के साथ कारोबार में हाथ बंटाते हैं। डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर से पढ़ाई करने वाले अनुज ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम-ऑनर्स किया है।
सीए इंटरमीडिएट में सात्विक बने सिटी टॉपर
सीए इंटरमीडिएट में 579 अंक लाकर सात्विक वाधवानी ने सिटी टॉप किया। 546 अंक लाने वाले शिखर अग्रवाल को दूसरा स्थान मिला। प्रियम बजाज को तीसरा स्थान मिला। उन्हें 544 अंक मिले। केशव सोमानी 530 अंक लाकर चौथे स्थान पर रहे। चित्रांशी शर्मा को पांचवां स्थान मिला। उन्हें 529 अंक मिले। इंटरमीडिएट के दोनों ग्रुप में 182 में से 21 छात्र सफल हुए। ग्रुप एक में 326 छात्र शामिल हुए, 58 छात्र सफल रहे। ग्रुप दो में 250 में से 87 सफल घोषित किए गए।
सेल्फ स्टडी से मिली सफलता
गोविंदनगर ब्लाॅक तीन में रहने वाली परमीत कौर ने बताया कि पिता त्रिलोचन कौर का रियल इस्टेट का कारोबार है। मां आत्मदीप कौर गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि अपना बचपन का सपना पूरा किया। गुरुनानक पब्लिक स्कूल लाजपतनगर से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई पूरी की। वह अभी किसी अच्छी कंपनी में नौकरी करेंगी। उन्होंने बताया कि सेल्फ स्टडी से सफलता हासिल की है।
परिवार की पहली सीए बनीं मंतशा
बाबूपुरवा में रहने वाली मंतशा ने बताया कि पिता मोहम्मद शरीफ का होजरी का कारोबार है। मां महेसरजहां गृहिणी हैं। परीक्षा की तैयारी ऑनलाइन कोचिंग से करने वाली मंतशा परिवार की पहली सीए बनी हैं। उन्हें पहले प्रयास में सफलता मिली है। वह नौकरी करना चाहती हैं। यूपी किराना स्कूल से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद क्राइस्टचर्च कॉलेज से उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह डीसी लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई भी कर रही हैं।
हिंदी माध्यम से पढ़ने वाले हर्ष ने पाई सफलता
गोविंदनगर के ब्लाॅक में रहने वाले हर्ष के पिता नीरज श्रीवास्तव आरओ का काम करते हैं। मां शशि गृहिणी हैं। चाचा नेहरू इंटर कॉलेज से 10वीं और डीएमयू इंटर कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की है। फिर डीएवी कॉलेज से बीकॉम किया है। हिंदी माध्यम से पढ़ाई पूरी करने वाले हर्ष ने बताया कि अंग्रेजी में सीए करना बड़ी चुनौती भरा रहा। भाषा की परेशानी खत्म की और सफलता प्राप्त की है। वह परिवार के पहले सीए हैं।