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यूपी: भाजपा पदाधिकारी ने तहसील में खाया जहर, ऋण स्वीकृत न होने से था परेशान, गंभीर हालत में भर्ती

Sat, 07 Oct 2023 07:22 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा

सार

Mahoba News: इंडियन बैंक शाखा श्रीनगर के प्रबंधक दिवाकर शिवहरे का कहना है कि आवेदक राजकुमार पटेल ने पूर्व में केसीसी बनवाया था, जो डिफाल्टर हो गया है। इससे इनकी सिविल खराब है। सिविल सही न होने से ऋण स्वीकृत नहीं हो सका। सुविधा शुल्क मांगने के आरोप बेबुनियाद है।
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अस्पताल में भर्ती पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महोबा जिले में कई बार शिकायत के बाद भी दुग्ध उत्पादन के लिए ऋण स्वीकृत न होने से परेशान भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कोषाध्यक्ष ने सदर तहसील परिसर में जहर खा लिया। इसके बाद में पीड़ित ने समाधान दिवस में पहुंचकर जहर खाने की बात बताई। तब उसे तहसील में तैनात पुलिसकर्मियों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

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एसडीएम ने अस्पताल पहुंच पीड़ित का हालचाल जाना और जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया। थाना श्रीनगर के ननौरा गांव निवासी राजकुमार पटेल उर्फ भोला पटेल भाजपा में पिछड़ा वर्ग मोर्चा का कोषाध्यक्ष है। उसने स्वरोजगार स्थापित करने को दुग्ध उत्पादन के लिए ऋण स्वीकृति को इंडियन बैंक शाखा श्रीनगर में तीन माह पहले आवेदन किया था।
बार-बार शिकायत के बाद भी ऋण स्वीकृत नहीं हुआ
इसके बाद उसका ऋण स्वीकृत नहीं हुआ। इसकी शिकायत पीड़ित ने एलडीएम व डीएम से की। कोई कार्रवाई न होने पर भाजपा पदाधिकारी ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को शिकायत भेजी। इस पर डिप्टी सीएम ने 18 अगस्त को डीएम महोबा को मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बार-बार शिकायत के बाद भी ऋण स्वीकृत न होने से परेशान भाजपा नेता शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे सदर तहसील पहुंचा।

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सुविधा शुल्क की मांग कर रहा है बैंक मैनेजर
परिसर में जहर खाने के बाद एसडीएम जितेंद्र कुमार को मामला बताते हुए पूरे परिवार के साथ जान देने की बात कही। शिकायतकर्ता के जहर खाने और हालत बिगड़ने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। एसडीएम भी अस्पताल पहुंच गए और शिकायतकर्ता का हालचाल जानते हुए बेहतर उपचार के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि बैंक मैनेजर सुविधा शुल्क की मांग कर रहा है।

मामले की जांच कराई जाएगी
डीएम से शिकायत करने पर उसे डांट-डपट कर भगा दिया गया था, जिससे उसने जान देने का प्रयास किया। उधर, एसडीएम का कहना है कि शिकायतकर्ता ने जहर खाने की बात बताई थी। उसे अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत ठीक है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं, इंडियन बैंक शाखा श्रीनगर के प्रबंधक दिवाकर शिवहरे का कहना है कि सुविधा शुल्क मांगने के आरोप बेबुनियाद है।
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दस दिन पहले शिकायतकर्ता कलेक्ट्रेट आया था। अतिरिक्त एसडीएम राजकुमार को शिकायती पत्र दिया था। इस पर एलडीएम से रिपोर्ट मांगी गई थी। सिविल स्कोर खराब होने के चलते ऋण स्वीकृत न होने की जानकारी दी गई। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है।  -मृदुल चौधरी, डीएम
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