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बिकरू कांड: 30 आरोपियों पर गैंगस्टर के आरोप तय, अभियोजन के विरोध पर बचाव पक्ष का प्रार्थना पत्र निरस्त 

Wed, 25 May 2022 09:23 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात

सार

बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी मारे गए थे। घटना के 30 आरोपियों पर चौबेपुर पुलिस ने गैंगस्टर लगाया था। मामले में  30 आरोपियों पर गैंगस्टर के आरोप तय हुए हैं।
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विकास दुबे की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिकरू कांड के 30 आरोपियों पर चौबेपुर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम की अदालत में चल रही है। बुधवार को अदालत ने सभी पर आरोप तय कर दिए। दो जुलाई 2020 को बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी।
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इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी मारे गए थे। घटना के 30 आरोपियों पर चौबेपुर पुलिस ने गैंगस्टर लगाया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम रवि यादव की कोर्ट में चल रही है। पूर्व तिथि में सभी आरोपियों को केस डायरी की छायाप्रति उपलब्ध कराई जा चुकी है।

अब आरोप निर्धारण पर सुनवाई चल रही थी। बुधवार को श्यामू बाजपेई, रामू बाजपेई, हीरू, शिवम दुबे समेत 29 आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में जिला कारागार माती से कोर्ट लाया गया। वहीं, दयाशंकर को कानपुर कारागार से लाकर कोर्ट में पेश किया गया।
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आरोप निर्धारण पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर समय मांगा। जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल व विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने इसका कड़ा विरोध किया। साथ ही तर्क रखा की लगातार बचाव पक्ष की तरफ से मामले को लंबित रखने की कोशिश हो रही है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद बचाव पक्ष की दलीलों को निरस्त करते हुए कोर्ट ने सभी पर गैंगस्टर के आरोप तय कर दिए। लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने बताया कि कोर्ट अब मामले में 24 जून को सुनवाई करेगा।
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