इसी बीच पूर्व अध्यक्ष रामेंद्र कटियार, मनहरण गोपाल अवस्थी, गणेश दीक्षित, सुरेश सिंह चौहान, हरिप्रसाद यादव, सुरेंद्र वाजपेई, बलजीत यादव आदि ने कालातीत कार्यकारिणी को आमसभा बुलाने का अधिकार न होने की बात कहते हुए विरोध किया। इसी बीच अधिवक्ताओं के एक गुट ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ अधिवक्ता मंच पर चढ़ गए और माइक छीनकर मंच पर लगी मेज-कुर्सियां पलटा दीं। शोर-शराबे और हंगामे के चलते आमसभा स्थगित कर दी गई। हंगामे की सूचना पर कचहरी चौकी स्थित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची लेकिन तब तक सब शांत हो चुका था।
एल्डर्स कमेटी आज बैठक कर लेगी फैसला
एल्डर्स कमेटी ने कहा कि निवर्तमान कार्यकारिणी के निलंबित अध्यक्ष ने आदेश के बावजूद अवैध रूप से आमसभा बुलाकर संस्था की छवि धूमिल की, जिसकी कमेटी निंदा करती है। हंगामे के कारण बुलाई गई आमसभा असफल रही। कार्यकारिणी द्वारा अगर अलग बैठक कर कोई निर्णय लिया जाता है तो वह अवैध व शून्य माना जाएगा क्योंकि आमसभा हुई ही नहीं। एल्डर्स कमेटी बुधवार को पूर्व अध्यक्ष मंडल के साथ बैठक कर निर्देशों की अवहेलना के संबंध में निर्णय लेगी।