औरैया जिले में यमुना में नहाने के दौरान डूबे जालौन के कुठौंद निवासी तीनों युवकों के शव शनिवार को एसडीआरएफ की टीम ने ढूंढ निकाले। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जालौन के शेखपुरा अहीर निवासी गजेंद्र (19), आलमपुर निवासी राज (18) और मोहन (19) तीनों दोस्त थे। शुक्रवार सुबह जालौन माता मंदिर के दर्शन करने की बात कहकर वह घर से निकले थे। मंदिर में दर्शन करने के बाद वह अयाना के बीझलपुर के पास यमुना में नहाने चले आए।
पानी का बहाव तेज होने के कारण तीनों डूब गए। युवकों के डूबने की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश की, लेकिन दोपहर तक उनका पता नहीं चला। इस पर लोगों ने हंगामा किया।
सीओ प्रदीप कुमार व एसडीएम अखिलेश कुमार ने कानपुर और आगरा से एसडीआरएफ की टीम बुलाई। एसडीआरएफ व गोताखोरों की टीमें उनके लगातार खोजती रहीं। शनिवार दोपहर बाद बीझलपुर पीपा पुल के पास गजेंद्र का शव मिला, जबकि राज व मोहन के शव घटना स्थल से तीन किलोमीटर दूर सिलौवा गांव के पास मिले।
एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे परिजन
यमुना में डूबने वाले तीनों युवकों के शव मिलने के बाद आलमपुर और शेखपुरा अहीर से पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गजेंद्र का भाई बृजेंद्र जोर जोर से चिल्ला कर नदी की तरफ भाग रहा था। इस पर लोगों ने उसे पकड़ा और ढांढस बंधाया। राज के भाई सोनू व कुंवर लाल एक दूसरे से लिपट कर दहाड़े मारकर रोते बिलखते रहे। सबसे बुरा हाल गजेंद्र के वृद्ध पिता मूलचरण का था। मौके पर मौजूद लोग उन्हें पानी के छींटे मारकर होश में लाते रहे।
चार-चार लाख की मदद का भरोसा
औरैया सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। विधायक ने मौके पर ही अधिकारियों से चार-चार लाख रुपये की दैवी आपदा के तहत सरकारी मदद पीड़ित परिवार को मदद दिलाने की बात कही।
ट्रैक्टर से शव थाने भेजने पर हंगामा
शव मिलने के बाद उन्हें ट्रैक्टर ट्राली से थाने भेजा जाने लगा। तेज धूप में तपती ट्राली में शव पड़े होने पर परिजन व स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर विधायक ने एंबुलेंस बुलाकर शव मोर्च्युरी भेजने के निर्देश दिए और लोगों को शांत कराया।