जीवन की तमाम परेशानियों का सामना करते हुए सैनिक देश सेवा से पीछे नहीं हटते हैं। घर-परिवार से दूर सीमा पर वे देश के लिए कुर्बान रहने के लिए हरदम तैयार रहते हैं। पूर्व सैनिक हरेंद्र सिंह भदौरिया की पुस्तक जिंदगीनामा में सैनिक के जीवन और देश प्रेम की मुक्कमल कहानी है।
ये बातें अर्मापुर पीजी कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ. गायत्री सिंह ने कही। फजलगंज स्थित अपराजिता सेंटर में जिंदगीनामा पुस्तक पर हुई परिचर्चा में हरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें बचपन से ही लिखने पढ़ने का बहुत शौक है। इस वजह से पुस्तक लिखने के लिए वह मुंबई कवि हरिवंश राय बच्चन का इंटरव्यू करने गये थे।
हरिवंश राय की बातें बहुत प्रेरणादायक हैं। उन्होंने बताया कि हरिवंश राय खुद के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए जीते थे। उनका हर शब्द समाज को आगे बढ़ाने के लिए अग्रसर था। कुसुम सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को हरेंद्र सिंह के जीवन से बहुत कुछ सीखना चाहिए।
इससे पहले कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सैनिक डीके सिंह गौर सहित अन्य लोगों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि निकट पत्रिका के संपादक कृष्ण बिहारी, डीके सिंह को सम्मानित किया गया। परिचर्चा कार्यक्रम खत्म होने के बाद सभी आगंतुकों ने राष्ट्रगान गाया। इसके बाद पूरा हॉल वंदे मातरम और भारत माता की जय से गूंज उठा। इस अवसर पर छोटे भाई नरोना, हरिराम गुप्ता, जोगिंदर सिंह, सत्येंद्र कुमार सिन्हा, वीना उदय आदि लोग मौजूद रहे।
हरिवंश राय की जीवनी पर भी जल्द आएगी किताब
हरेंद्र सिंह ने कहा कि कवि हरिवंश राय के जीवन के जीवन से जुड़ीं कई चीजें अधिकतर लोग नहीं जानते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जीवनी पर भी किताब जल्द सबके सामने होगी।