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अमर उजाला संवाद: कांग्रेस प्रत्याशी बोले- महंगाई मुद्दा नहीं... जनता की पीड़ा है, बेबाकी से दिए सवालों के जवाब

Thu, 02 May 2024 06:37 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: विपक्ष महंगाई को मुद्दा क्यों नहीं बना पा रहा है, के सवाल पर आलोक मिश्रा ने कहा कि महंगाई विपक्ष का मुद्दा नहीं जनता की पीड़ा है। लोग खुद अपना दर्द समझ रहे हैं। देश और समाज का हर आदमी इससे पीड़ित है।
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amar ujala samvad - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव में कल्याणपुर सीट से दो बार किस्मत आजमा चुके आलोक मिश्रा पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने दस साल पहले ''हाथ'' से फिसली सीट को वापस पाने के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है। बुधवार दोपहर वह संवाद कार्यक्रम में भाग लेने अमर उजाला कार्यालय आए, जहां  उन्होंने शहर के प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए।

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कार्यक्रम में शहर के विकास, पुरानी पेंशन जैसे मसले उठे तो शिक्षा और स्वास्थ्य के बारे में कांग्रेस की क्या योजना है, इस पर भी सवाल किया गया। आलोक मिश्रा ने कानपुर के विकास के उस रोडमैप के बारे में भी जानकारी दी, चुनाव जीतने के बाद जिसे अमल में लाना चाहते हैं। पेश हैं लोगों के सवाल और आलोक मिश्रा के जवाब...

माननीयों को पुरानी पेंशन तो कर्मचारियों को नई क्यों?  -आलोक यादव
हमारी सरकार सभी को पुरानी पेंशन देती थी, भाजपा सरकार ने नई पेंशन जारी की है। कांग्रेस सरकार पुरानी पेंशन देने का वादा कर चुकी है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां पुरानी पेंशन दी भी जा रही है।

कानपुर विकास के मामले में लखनऊ से इतना पीछे क्यों हैं?  -मनोज आडवानी
प्रधानमंत्री और सांसद दोनों की कार्यसीमाओं में बहुत ज्यादा अंतर है। कानपुर ने 2014 में ऐसे सांंसद को चुन लिया था, जिनके बारे में यह कहा जाता है कि बाबा आनंदेश्वर के दर्शन हो सकते हैं लेकिन उनके नहीं। उनके समय से शहर का विकास रुक गया है। अब फिर से कानपुर का विकास कराएंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए क्या रोडमैप है?  -शाहिद कामरान
साउथ में कम फीस का स्कूल बनवाया जाएगा। इसके लिए अर्रा में जमीन चिह्नित कर ली गई है। हमारे साधन सीमित हैं, लेकिन प्रयास है कि लोगों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा सकूं। दक्षिण में एक एम्स जैसा अस्पताल बनवाने की भी योजना है। कोपरगंज का चाचा नेहरू अस्पताल जनता के सहयोग से चलाया जाएगा।

जाम से मुक्ति दिलाने के लिए क्या प्लान है?  -उत्कर्ष शुक्ला
शहर का जाम खुलवाने के लिए एनजीओ, एनसीसी कैडेट और स्कूल के बच्चों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। शहर से अनवरगंज रेलवे लाइन हटनी नहीं थी, सब जानते थे फिर भी लोगों को गुमराह किया। अब जाम से मुक्ति के लिए एलिवेटेड रोड बनवाई जाएगी।

फीस वापसी के मुद्दे पर आप का क्या प्रयास होगा?  -अमन ठाकुर
स्कूल सीपीआई और चार फीसदी जीएसटी से ज्यादा फीस नहीं वसूल सकते हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक वापसी और समायोजन कराया जाएगा। कई बार शिक्षा महंगी लगती है, लेकिन उसके साथ की सुविधाओं को भी देखना चाहिए।

भीख मांगने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए क्या प्रयास करेंगे?  -अनिल शर्मा
ऐसे बच्चों को पढ़ाने से पहले उनकी और उनके परिजनों की मानसिकता बदलनी होगी। ऐसे लोग मौके दिए जाने के बाद भी पढ़ना नहीं चाहते। दादानगर में एक लड़की पढ़ाती है, उसे आर्थिक सहयोग देने का ऑफर दिया है। उसके जैसे लोग पढ़ाएं, जो जरूरत होगी, वह हम मदद कर देंगे।

कानपुर में टूरिज्म को बढ़ावा कैसे दिया जा सकता है?  -भरत राजयोगी
टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाना होगा। प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों की जानकारी जुटाकर इनके बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा।

पुरानी पेंशन और रेलवे में बुर्जुगों को जो छूट मिलती थी, उसके लिए क्या प्रयास होगा?  -डॉ. निरंकार
रेलवे में बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन फिर चालू कराने के प्रयास किए जाएंगे। कांग्रेस शासित राज्यों में पुरानी पेंशन दी जाती है।

महंगाई इतना बड़ा मुद्दा है फिर भी विपक्ष इसे भुना नहीं पा रहा?  -अरुण शर्मा
महंगाई मुद्दा नहीं पीड़ा है। हर आदमी इससे पीड़ित है, जो मोटरसाइकिल पहले 40 हजार की मिल जाती थी अब डेढ़ लाख लग रहे हैं। जनता खुद जानती है क्या उसके लिए भला है। हर परिवार महंगाई से पीड़ित है।

चुनाव में विरासत का मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है?  -संदीप पांडेय
ये बात किसने और कब कहीं हैं, मुझे कोई जानकारी नहीं है। क्योंकि प्रत्याशी बनने के बाद से मेरा पूरा समय जनसंपर्क में बीत रहा है। टीवी नहीं देख पा रहा हूं।

दस साल से वेतन आयोग गठित नहीं हुआ है, इसके लिए क्या करेंगे?  -राजा भरत अवस्थी
वेतन आयोग कांग्रेस सरकार में गठित होते हैं। जब से भाजपा आई है, तब से वेतन आयोग गठित नहीं हुआ है। हम सरकार में आए तो कांग्रेस फिर से वेतन आयोग गठित करेगी।

मतदाताओं का भरोसा कैसे जीतेंगे?  -समर्थ
भाजपा गुमराह कर रही है कि वह जीत रही है। लोगों को मानसिकता बदलनी होगी। गलत पार्टी को सत्ता से हटाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसे निभाने के लिए 13 मई को मतदान केंद्र पहुंचकर ईवीएम की बटन दबानी होगी।

छात्र राजनीति के चुनाव बंद हो गए, क्या शुरू होने चाहिए?  -विक्रम प्रताप सिंह
जवाब- छात्र संघ के चुनाव होने चाहिए। छात्र राजनीति से लोगों में नेतृत्व करने की क्षमता आती है। छात्र राजनीति से कई अच्छे नेता निकले हैं।

ग्रीनपार्क को मैच कैसे दिलाएंगे?  -हंसराज भागवानी
मैच दिलाने के लिए बीसीसीआई के राजीव शुक्ला से मदद ली जाएगी।

युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए क्या करेंगे?  -विवेक पाल
शहर में रोजगार के साधन बढ़ाने पर जोर रहेगा। आने वाले समय में लोग शहरी होने पर गर्व करेंगे।

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ये भी कहा
  • संविदा वाले सफाई कर्मचारियों को स्थायित्व दिलाया जाएगा।
  • सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
  • सफाई व्यवस्था पर जोर रहेगा।
  • महंगाई का आलम यह रहा कि लोगों ने इस होली पर जो गुझिया खाई हैं, महंगाई के चलते चिरौंजी गायब थी। 400 का सिलिंडर एक हजार का मिल रहा है।
  • जिनके अपने भाई जमानत नहीं ले रहे थे वो दूसरे की जमानत जब्त कराने की बात करते हैं। किरायेदार थे, घर छोड़कर जाना तो ठीक था, लेकिन घर तोड़कर जाना नहीं चाहिए।
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