दुष्कर्म का आरोपी पालिकाध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री
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यूपी के कन्नौज जिले में पालिकाध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री पर मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती से प्रारंभिक मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। स्लाइड भी फारेंसिक जांच के लिए भेजी गई है। पुलिस ने वायरल ऑडियो को भी सबूतों के आधार पर विवेचना में शामिल कर लिया है।
कन्नौज नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, दबाव देने पर शादी करने और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मुकदमे में शैलेंद्र के दोस्त मोहन, आशू अवस्थी, आलोक दुबे पर दुष्कर्म करने में सहयोग करने और मां मीना, चाची मोनी, चाचा संजय, अतुल और भाई विक्रांत पर दहेज उत्पीड़न के आरोपी बनाए गए हैं। 26 नवंबर को युवती का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया था। इसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। विवेचक क्राइम ब्रांच प्रभारी विकास राय ने बताया कि स्लाइड भी फारेंसिक लैब भेजी गई है। पालिकाध्यक्ष के नाम से प्रचारित ऑडियो क्लिपों को भी विवेचना में शामिल किया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
गुरसहायगंज के जलालाबाद निवासी राजू पाठक की पत्नी सोनी ने तीन नवंबर को पड़ोसी रमेश और गुड्डू, आशा पर घर में घुसकर उसे व परिवार के लोगों से मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने बुधवार को एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रार्थनापत्र देर कार्रवाई की मांग की।
जब आपकी मम्मी ने मना किया तो, नहीं...
कॉल रिकॉर्डिंग में हुई बातचीत के अंश....
पालिकाध्यक्ष: हैलो इस बार करवा चौथ का व्रत न रहना। माता जी ने कहा कि इस बार शुक्र डूबे हैं। जिनकी नई शादी हुई वह लोग तीन साल व्रत नहीं रखेंगी, हैलो कायदे से सुनो बात... क्या सो रही हो। किसी पंडित से पूछ लेना तुम।
युवती: जब आपकी मम्मी ने मना किया तो, नहीं रहेंगे। यह बताओ पूजा मेरे घर के हिसाब होगी कि आपके घर से।
पालिकाध्यक्ष: पूजा तो रिति-रिवाज से होगी। हमको क्या मालूम तुम्हारे घर, मूड के बल कि पैर के बल घर में घुसा जाता है।
युवती: घर में बैठकर ज्यादा ओवर न बोला करो।
पालिकाध्यक्ष: लो तुम हड़काने लगी हो।
युवती: मम्मी के सामने कम बोला करो तुम, चलो रखो फोन।
तुम इतनी होशियार नहीं हो कि मोबाइल पर पेपर पढ़ लो
पालिकाध्यक्ष: हैलो... तुमने सामान की लिस्ट नहीं भेजी।
युवती: तुम आए नहीं हो।
पालिकाध्यक्ष: असल में जांच निपट गई। सिर्फ एडीएम का काम बचा, पेपर पहुंचा दिया है। अब मेरी जरूरत नहीं है। तुम सामान की लिस्ट भेज दो, हम आ जाएंगे।
युवती: सामान नहीं चाहिए तुम आ जाओ सिर्फ।
पालिकाध्यक्ष: मकान मालिक का फोन आया था। तुम्हारे गार्ड ने कुछ कहा होगा। अब तुम कन्नौज की तरह वहां भी मेरी बेइज्जती कराने लगी हो। चालू कर दिया तमाशा।
युवती: नहीं तुम सिर्फ चले आओ यहां।
पालिकाध्यक्ष: तुम मेरी स्थिति समझो, चेयरमैन हूं। पांच सौ शिकायतें आती हैं। जांचे हैं। न्यूज पेपर की कटिंग भेजता हूं, क्योंकि तुम इतनी होशियार नहीं हो कि मोबाइल पर पेपर पढ़ लो।
युवती: तुम हमको तमीज न बताओ...
मेरे ऊपर कौन सी आफत आ जाएगी
पालिकाध्यक्ष: आप फेसबुक पर डाल रही हो बराबर, कि जानमाल का खतरा होता है, तो हमारे पति व उनकी फैमली जिम्मेदार होगी। आप मेरी बेज्जती कर रही हैं। आपने 181, 76 कर दी है। महिला आयोग जाऊंगी, कप्तान डीआईजी के पास। हमको खत्म करने के लिए सुपारी जो ली है। वहीं काम कर रही है। तुम मेरी धर्म पत्नी हो, तो मैं उस कर्तव्य का निर्वहन करूंगा। खैर हम तो आत्महत्या के लायक रह गए। बेज्जती हो चुकी है, लेकिन क्यों नहीं कर सकते हैं... यह बाबा गौरी शंकर जानते होंगे। अगर अभी भी लगता कोई कोर कसर बाकी... तो कर लो। अगर सामान की लिस्ट भेज दोगी, तो दुकानदार को लिस्ट भेज देंगे। कल हम ले आएंगे। बस प्रार्थना करना, बाबा (गौरीशंकर बाबा) से कल कोई कन्नौज में लफड़ा न हो, ठीक है।
युवती: तो बताओ... शाम को आ रहे हैं।
पालिकाध्यक्ष: यार सुनो तुमको खूब पता है, जब तक यहां से निकल नहीं आते, हमको भी नहीं पता, मेरे ऊपर कौन सी आफत आ जाएगी।
युवती: ये बताओ काम तो आपका पांच साल तक चलेगा, कब तक नहीं आएंगे। काम तो बने रहेंगे।
डेढ़ साल बाद हो हल्ला कर शादी करेंगे
पालिकाध्यक्ष: हमको तो हर चीज मैनेज करनी, तुमको भी मैनेज करना है, जैसे कि अगर जांचें न चलती, तो चार दिन नहीं लगते। कभी ऐसा हुआ कि चार दिन तक न आएं हो।
युवती: नहीं, जांचे आपकी सुबह तक चलतीं, दोपहर चलतीं, रात को तो नहीं चलतीं। रात को कभी 12 बजे के पहले नहीं आए।
पालिकाध्यक्ष: अधिकारियों के कार्यालय नौ बजे खुलते हैं। अधिकारियों और बाबू लोगों से अगले दिन सुबह पर्सनली मिलना होता है।
युवती: एक बात बताओ, जब आपकी मम्मी आपको घर पर रख सकती हैं, हमको क्यो नहीं।
पालिकाध्यक्ष: हमने जो तरीका आपको बताया कि डेढ़ साल बाद हो हल्ला कर शादी करेंगे।
युवती: जब आपको लगे, सब गलती आप मेरी निकालते हैं।
नहीं तो इतना नहीं होता, धैर्य बांधो हम फंसे हैं
पालिकाध्यक्ष: मेरा समय खराब है, नहीं तो इतना नहीं होता, धैर्य बांधो हम फंसे हैं।
युवती: कल आ जाना नहीं तो हम कल हम कोशिश आने की करेंगे, बहुत दिन अकेले रह लिया, अब हिम्मत नहीं है। जब इच्छा हो तब आना।
पालिकाध्यक्ष: हमने पिछले बार भी नहीं रोका था, दुनिया भर में बेइज्जती तो हो गई।
युवती: देखे बेइज्जती हमने कुछ नहीं की अभी। हमने बहुत कोशिश की। बहुत आपको मौका दिए। हम भी इंसान हैं हैवान नहीं हैं। शायद ही कोई लड़की इतने मौका नहीं दे सकती।
पालिकाध्यक्ष: क्या मौका दिए तुमने, हमने डेढ़ साल लिखत-पढ़त का समय मांगा।
युवती: ठीक है तुम अपनी .... रख सकते क्या, पूरे कन्नौज में जब ढिढ़ौरा पिट चुको थो।
उसी दिन का इंतजार करें हम
पालिकाध्यक्ष: कोर्ट मैरिज के कागज के दे दिए। तुम्हारे घर के लोग सब बनाए हैं। बेफालतू की उल्टी बात करती हो।
युवती: सब मेरे ही कहने से होता क्या।
पालिकाध्यक्ष: तो क्या हम सबको बताने जा रहे... फेसबुक पर तुमने डाला। कह देंगे मिर्च लग जाएगी। तुम्हारे सलाहकार सब सलाह दे रहे हैं। नाली का कीड़ा बना दो, बर्बाद कर दो।
युवती: बर्बाद जब तुम हो जाओगे तो हम कैसे आबाद हो सकते हैं।
पालिकाध्यक्ष: ठीक है तुम ये अपनी बुद्धि लगाओ जब टाइम मिलेगा तो आ जाएंगे। फोन रखो।
युवती: क्या कोई टाइम बता दो फलाने दिन आएंगे। उसी दिन का इंतजार करें हम। हैलो बोलो न अब। फोन कट गया।
आपको बता दें कि ये एक वायरल ऑडियो है, जिसके सत्य होने की अमर उजाला डॉट कॉम पुष्टि नहीं करता है।