फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: बिना हार-पगड़ी के आए दूल्हे का निकाह, खजूर से कराया मुंह मीठा

Mon, 22 Nov 2021 01:32 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी सदस्य डॉ. निकहत परवीन ने एक सवाल पर कहा, यह गलत है कि शादियों में गैरजरूरी रस्मों और चलन की जिम्मेदार महिलाएं हैं। सादगी से बिना दहेज की शादियों का अभियान चल रहा है।
विज्ञापन
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का अधिवेशन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में जाजमऊ के अधिवेशन में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आसान निकाह मुहिम का भी आगाज हुआ। बेहद सादगी से कराए गए निकाह में दूल्हे ने न तो फूलों का हार पहना और न ही कोई पगड़ी।
विज्ञापन


सादे लिबास में गवाह-वकील की मौजूदगी में निकाह कराकर मुसलमानों को शादियों में फिजूलखर्ची से बचने का संदेश दिया गया। जाजमऊ की एक फैक्ट्री में काम करने वाले इरफान अहमद का निकाह इफ्तिखाराबाद की जैनब से पढ़ाया गया।

इस निकाह के काजी खुद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद मोहम्मद राबे हसनी नदवी रहे। उन्होंने निकाह पढ़ाकर इरफान को मुबारकबाद और खुश रहने की दुआ दी। खजूर खिलाकर मौजूद लोगों का मुंह मीठा कराया और निकाह संपन्न हो गया।
विज्ञापन


कानपुर में अधिवेशन कराने वाले व्यवस्थापक और पटकापुर के मदरसा जामे उलूम के मोहतमिम मुहीउद्दीन खुसरो ताज ने यह निकाह कराने की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने बताया कि इस्लाम में शादी इतनी ही आसान है, लेकिन तमाम लोगों ने दहेज और दूसरे चलन को अख्तियार कर उसे कठिन बना दिया है।
विज्ञापन

गैरजरूरी रस्मों की जरूरत नहीं, समझाएंगे
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी सदस्य डॉ. निकहत परवीन ने एक सवाल पर कहा, यह गलत है कि शादियों में गैरजरूरी रस्मों और चलन की जिम्मेदार महिलाएं हैं। सादगी से बिना दहेज की शादियों का अभियान चल रहा है।

इस अभियान के जिम्मेदार बोर्ड के सचिव मौलाना उमरैन महमूद रहमानी ने बताया कि निकाह पढ़ाने वाले काजी और आलिम हर शादी में यह बताएं कि इस्लाम में किस तरह सादगी से निकाह की इजाजत है। धीरे-धीरे समाज में बदलाव आएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें