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ऐ छठी मइया होई ना सहइया...

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सूरजपुर में तालाब किनारे पूजन करती व्रती महिलाएं। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। छठ पर्व पर बुधवार को महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। अकबरपुर, शिवली, रनियां समेत कई जगहों पर व्रती महिलाओं ने दिन भर निर्जल व्रत रखकर शाम को तालाब, बंबा व जलाशयों के घाट पर अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान गीत भी बजते रहे।
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अकबरपुर क्षेत्र के नबीपुर में बंबे पर बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों ने पूजा अर्चना की। इससे घाट पर मेले सा माहौल बना रहा। इस दौरान छठी मइया सुनली गुहार..., जोड़े जोड़े नारियल तोहे चढ़इबो ना..., ऐ छठी मइया होई ना सहइया... आदि गाने बजते रहे। बुधवार को यूपीएसआईडीसी निवासी सुमन, तेतरा देवी, सविता, शशि, नीतू, सीमा आदि व्रती महिलाएं पूरे दिन निर्जल व्रत रहकर परिजनों संग शाम को बंबे पर पहुंची। वहां जलाशय के पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। देर शाम तक चहल पहल रही।
इसी तरह शिवली क्षेत्र के सूरजपुर गांव के तालाब, रविंद्रपुरम तालाब व केसरी निवादा नहर पर छठ पूजा की गई। सूरजपुर तालाब के घाट पर विधायक प्रतिभा शुक्ला ने व्रती महिलाओं संग अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। बाद में प्रसाद बांटा गया और छठी मइया से प्रार्थना की गई। छठ पर्व के चौथे अंतिम दिन गुरुवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं 36 घंटे के व्रत का पारण करेंगी।
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छठ मईया का पूजन
भगवान सूर्य के प्रतीक सोता की पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने सोता के चारों ओर बैठ कर मिठाई, फल, नैवेद्य, अगरबत्ती के साथ पूजा पाठ किया। इसके बाद परिवार के साथ पूजा-अर्चना कर महिलाओं ने पानी में खड़े रह कर सूरज भगवान के सुबह जल्दी लौटने की कामना की। इसी के साथ महिलाएं रात को भजन-पूजन के साथ समय व्यतीत कर सुबह सूरज की पहली किरण के साथ अर्घ्य देंगी।
नाच-गाने संग सेल्फी लेने की होड़
कानपुर देहात। छठ पूजा के दौरान नबीपुर में घाट किनारे महिलाओं ने ढोलक की थाप पर जमकर नृत्य किया। सेल्फी लेने का उत्साह दिखाई दिया। परिजनों संग आई अंजली राजावत, प्रिया पाल, शिखा, शालिनी, मंजू सहित अन्य लोगों ने बताया कि छठ पूजा पूर्वांचल के साथ पूरे देश में उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। साल में एक बार मनाया जाना वाला त्योहार यादगार रहे, इसलिए सेल्फी जरूरी है। (संवाद)
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