समिति के संरक्षक हाफीजुल्ला गाजी ने पुलिस कमिश्नर को बताया कि यहां के कुछ और मंदिरों को उनकी समिति की ओर से कुछ समय तक संरक्षित किया गया था, लेकिन उस पर भी शिवचरण गुप्ता नामक एक व्यक्ति के सहयोग से मुख्तार व उससे जुड़े लोग काबिज होने की फिराक में हैं। समिति की शिकायत में पुलिस कमिश्नर से मांग की गई है कि इस संबंध में उनकी ओर से 22 फरवरी 2022 को बजरिया थाने में एक रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इसकी एफआईआर संख्या 64 व 65 है, उसकी जांच को भी आधार बनाकर मंदिरों को बचाया जाए।
कब्जे में ली जाएंगी कई और शत्रु संपत्तियां
अभी कई शत्रु संपत्तियों को कब्जे में लिया जाना है। इसमें जाजमऊ और हीरामन पुरवा की पॉयनियर के कब्जे की जमीन, गोकुल अपार्टमेंट सिविल लाइंस की शत्रु संपत्ति के अलावा इसी के पास 75 और 76 नंबर प्लाट भी शामिल है। प्रशासन के अनुसार अभी इन पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी की जाएगी।