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पार्क से प्रशासन ने रात ढाई बजे हटवाई बुद्ध मूर्ति: बुद्ध विहार में रखवाई गई, कोतवाली में सुबह चार बजे तक रहे डीएम-एसपी

Fri, 27 Aug 2021 11:30 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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कन्नौज: बुद्ध प्रतिमा हटाने पर बवाल - फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज के छिबरामऊ में सौरिख तिराहा पार्क में लगाई गई भगवान बुद्ध की मूर्ति गुरुवार रात ढाई बजे जिला प्रशासन ने हटवा दी। मूर्ति को सौरिख रोड के बुद्ध विहार में रखवाया गया है। इस दौरान डीएम और एसपी कोतवाली में भोर चार बजे तक डटे रहे।
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मंगलवार रात इस पार्क में लोहे के एंगल को जाम कर बुद्ध मूर्ति स्थापित कर दी गई थी। महाराणा प्रताप की इसी पार्क में प्रतिमा लगवाने का मन बना चुके क्षत्रिय महासभा व करणी सेना ने इस पर बुधवार को विरोध करते हुए प्रदर्शन किया था। पूरे दिन हंगामा हुआ। जिला प्रशासन किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच सका। अगले दिन गुरुवार को दोपहर बाद नगर पालिका की टीम पुलिस और पीएसी की अगुवाई में बुद्ध प्रतिमा हटवाने पहुंची। 

इस दौरान मूर्ति रखने की हिमायत करने वालों ने बवाल कर दिया। जमकर पथराव हुआ। पुलिस ने लाठी भांजी। पथराव में दो इंस्पेक्टर, एक दरोगा, दो सिपाही और एक पीएसी सिपाही घायल हो गया। भीड़ में से कई लोगों को चोटें लगीं। इससे शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस पर जिले के सभी थानों के अलावा पड़ोसी जनपदों का फोर्स भी बुला लिया गया। एडीएम गजेंद्र कुमार, एएसपी डॉ. अरविंद व बाद में पहुंचे एसपी प्रशांत वर्मा ने खुद मोर्चा संभाला। मामला नहीं सुलझ सका। रात करीब 11 बजे डीएम राकेश कुमार मिश्र पहुंचे। कोतवाली में अफसरों के साथ देर रात तक मीटिंग चली। 
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सौरिख तिराहे पर बौद्ध अनुयायी व कई उपद्रवी भारी संख्या में अपने हाथों में पत्थर लेकर जमे थे। लगातार बढ़ रहे पुलिस फोर्स को देखकर इनके हौसले पस्त हो गए। रात दो बजे के बाद पुलिस शाक्य समाज के नेताओं को लेकर सौरिख तिराहे पर पहुंची। इसके बाद रात करीब ढाई बजे आनन-फानन भगवान बुुद्ध की मूर्ति को हटाकर सौरिख रोड स्थित बुद्ध विहार पहुंचा दिया गया। पालिका के कर्मचारियों ने पार्क में जाम लोहे के एंगल को कटर से काटा। इधर, कोतवाली में डीएम और एसपी पल-पल की जानकारी लेते रहे।

लाइट लगाने पहुंची क्रेन पर भी हुआ था पथराव
सौरिख तिराहे पर उपद्रव के बाद भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए यहां  पालिका की गाड़ी (क्रेन) लाइट लगाने पहुंची। तभी कुछ युवकों ने इस पर पथराव कर दिया। पुलिस को उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए लाठियां पटकनी पड़ीं।

पड़ोसी जनपदों से बुलाया गया फोर्स
शहर के सौरिख तिराहे पर उपद्रवियों की ओर से पुलिस और पालिका की टीम पर पथराव के बाद जिले के गुरसहायगंज, तिर्वा, ठठिया, इंदरगढ़, सौरिख, तालग्राम व विशुनगढ़ की फोर्स के अलावा जिले की पीआरवी को बुला लिया गया। इसके बाद भी स्थिति को काबू में न आता देख पड़ोसी जनपद फर्रुखाबाद, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया और इटावा का फोर्स बुला लिया गया।

सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पुलिस की नजर
सौरिख तिराहे पर बुद्ध की मूर्ति हटाने को लेकर उपद्रव के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अफवाह फैलाने वाले युवकों पर नजर बनाए है। इन युवकों को चिह्नित किया जा रहा है। इससे कि इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

बवाल के बाद तैनात कर दी गई फायर बिग्रेड
सौरिख तिराहे पर दिन में बवाल के बाद फायर बिग्रेड को बुला लिया गया। यह सौरिख तिराहे पर खड़ी रही। दोपहर ढाई बजे मूर्ति हटाए जाने के बाद भी फायर बिग्रेड खड़ी रही। सुबह हालात सामान्य देख हटा लिया गया।

14 घंटे चली वार्ता के बाद निकला निष्कर्ष
पुलिस प्रशासन ने तहसील सभागार में वार्ता के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य के पति ओमकार शाक्य, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र शाक्य जीतू, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मदन सिंह शाक्य, सभासद पति हरिशरण शाक्य, गौरव शाक्य सहित कुछ लोगों को बातचीत करने और पहल कर बौद्ध अनुयायियों को मनाने के लिए अपने पास रोके रखा। प्रशासन से कई दौर के बाद अंतिम वार्ता कोतवाली में डीएम राकेश कुमार मिश्र और एसपी प्रशांत वर्मा के साथ हुई। बाद में पुलिस व प्रशासन के साथ शाक्य समाज के अगुवाकार सौरिख तिराहे पर पहुंचे।

समाज के लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। ओमकार शाक्य ने कहा कि वह शासन स्तर से अनुमति लेकर भगवान बुद्ध की मूर्ति रखवाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान नगर पालिका के कर्मचारियों ने भगवान बुद्ध की मूर्ति को नीचे उतार दिया। समाज के लोगों के कहने पर पुलिस ने सौरिख रोड स्थित बुद्ध विहार में मूर्ति को रखवा दिया गया। हालांकि इस दौरान शाक्य समाज के अगुवाकारों को पुलिस हिरासत में लिए जाने की चर्चा बनी रही।
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