जामा मस्जिद में लोगों से वार्ता करते एसडीएम अशोक कुमार व सीओ शिव कुमार थापा। संवाद
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छिबरामऊ। नौकरी पर बहाल किए जाने की मांग को लेकर सौ शैया अस्पताल में धरने पर बैठे तीन कर्मियों की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उनको अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। सीएमएस ने इनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
गुरुवार को धरने पर बैठे विवेक कुमार, स्टॉफ नर्स मोनिका यादव व अनन्या पांडेय की हालत धरना स्थल पर ही बिगड़ गई। दोनों को उल्टियां व सिर दर्द होने लगा। इसके अलावा विवेक कुमार का ब्लड प्रेशर बढ़ गया। आनन-फानन में इन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश ने उनका उपचार किया। जानकारी पाकर सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हटाए गए कर्मियों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन उनका कहना था कि जब तक नौकरी वापस नहीं मिल जाएगी, तब तक उनका धरना समाप्त होने वाला नहीं है। इस दौरान वीरेंद्र तिवारी, प्रत्यूष त्रिपाठी, अंशु तिवारी व प्रीती देवी भी मौजूद रहीं।
भ्रष्टाचार की जांच के लिए दो चिकित्सकों की टीम गठित
सौ शैया अस्पताल में हटाए गए कर्मियों की नौकरी के नाम पर हुई ढाई-ढाई लाख रुपये की वसूली के आरोपों की जांच के लिए डॉ. शोभित भारद्वाज व डॉ. मनीष तिवारी की टीम गठित की गई है। यह टीम आरोप लगाने वालों व आरोपी कर्मचारी के बयान दर्ज करेगी। इस टीम को 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सीएमएस को सौंपनी है।