मेडिकल कॉलेज में रजिट्रेशन काउंटर पर दवा पर्ची को लगी लाइन। संवाद
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तालग्राम/उमर्दा। गर्मी बढ़ते ही डायरिया का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। बच्चे और बड़े तक शिकार हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि इस बीमारी से शरीर में पानी की कमी न होने दें।
इस समय डायरिया के मरीजों में इजाफा हो रहा है। अस्पतालों में आने वाले रोगियों में सौ में 20 से 25 में डायरिया की शिकायत है। डॉक्टरों के मुताबिक पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट में मरोड़, उल्टी आना, बुखार, कमजोरी डायरिया के लक्षण हैं। इसकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसे डिहाइड्रेशन भी कहा जाता है। इस स्थिति में होंठ और मुंह सूखना, पेशाब कम होना आदि समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच और इलाज कराएं।
मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अंबर बिरयानी ने बताया कि लगातार दस्त की वजह शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जोकि बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। इससे अस्थायी रूप से गुर्दे फेल हो जाते हैं।
ऐसे करें बचाव
- डायरिया होने पर नमक, चीनी का घोल पिलाएं।
- कटे हुए फल व खुले में रखे खाद्य पदार्थ न खाएं।
- धूप में सिर ढककर निकलें।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- तेज धूप में जाने से पहले पानी पीएं।
- स्वच्छ पानी का सेवन करें।