कन्नौज। होली के दौरान नवनिर्वाचित विधायक असीम अरुण को कैबिनेट मंत्री के दर्जे से नवाजा जा सकता है। उनकी पहचान ईमानदार और बेदाग छवि की रही है। मंत्री बनाने को लेकर चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है। खास बात यह है कि सदर सीट लगातार चार बार से सपा के खाते में रही थी, जिसे भाजपा ने छीन लिया है।
जनवरी में पुलिस कमिश्नर की नौकरी से वीआरएस लेने वाले असीम अरुण के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद से ही भाजपा सरकार बनने पर मंत्री बनाने की चर्चाएं होने लगी थीं। 10 मार्च को मतगणना में सदर सीट से असीम अरुण ने चुनाव जीत भी लिया। इससे भाजपा में खुशी की लहर दौड़ गई है। करीब दो दशक बाद सदर सुरक्षित सीट पर भगवा फहराया है। गंभीर व ईमानदार छवि के अधिकारी होने के दौरान असीम अरुण सुर्खियों में रहे हैं। चुनाव में उनकी शालीनता ने भी लोगों को कायल किया है। इसके अलावा सदर सीट की जीत भी बड़ी है।